ललितपुर। जिले में खोले गए गेहूं खरीद केंद्रों से गेहूं नहीं उठाया जा रहा है। कृषि उत्पादन मंडी समिति में पीसीएफ के खरीद केंद्र का गोदाम व बरामदा गेेहूं से फुल हो गया है। इसका असर गेहूं खरीद पर पड़ रहा है। दरअसल, गेहूं की डिलेवरी में अड़चन आने के कारण मामला फंस गया है।
किसानों को सरकारी समर्थन मूल्य का लाभ दिलाने के लिए जिले में 107 गेहूं खरीद केंद्र खोले गए हैं। इसमें पीसीएफ के सबसे ज्यादा 58 केंद्र हैं। इसके अलावा विपणन शाखा, एफसीआई व मल्टीस्टेट कंपनी भी गेहूं की खरीद कर रही हैं। मंगलवार को पीसीएफ ने 8505.900 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद कर ली, जबकि सभी केंद्रों पर लगभग 19 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हो चुकी है। गेहूं को खरीद केंद्रों से उठाने में ट्रांसपोटरों से समन्वय नहीं बन पाने के कारण इसकी डिलेवरी नहीं हो रही है।
गेहूं उठाने के भाड़े के लिए शून्य से दस किलोमीटर के रेट 19.55 रुपये रखे गए हैं, लेकिन इतने में ठेकेदार व समिति सचिव खरीदे गए गेहूं को उठाने में तैयार नहीं हो रहे हैं। इसका असर खरीद पर पड़ रहा है। कई केंद्रों पर न के बराबर खरीद हो रही है। गल्ला मंडी में पीसीएफ का केंद्र गेहूं से भरा पड़ा है। यहां पल्लेदार भी उठान नहीं होने से परेशान हैं। उनका कहना है कि केंद्र पर रखी बोरियों की छल्ली यहां से वहां लगा रहे हैं, जिससे उनका रोजगार नहीं चल पा रहा है। खरीद भी प्रभावित हो रही है। कुछ ही किसानों का माल तुल पा रहा है। मल्टीस्टेट समितियों के केंद्रों पर गेहूं पर्याप्त मात्रा में रखा हुआ है। चैंपियन मल्टीस्टेट समिति के केंद्र पर ट्रक में बोरियां लादी जा रही थीं, जबकि समीप में एक और केंद्र पर गेहूं की बोरियां भरी रखी हुई थी। यहां दो केंद्र बने हुए हैं, लेकिन इनमें से एक केंद्र पर ही खरीद का बैनर लगा था। इसके अलावा विभिन्न केंद्रों पर किसानों को बैठने के लिए छांव, पीने का पानी व बिजली की समस्या देखी जा रही है। इस पूरे मामले में विभागीय अफसर रस्म अदायगी करते नजर आ रहे हैं। वहीं, जिला प्रशासन चुनाव की तैयारियों में जुटा है, जिससे क्रय केंद्रों पर व्याप्त कमियां का निस्तारण नहीं हो पा रहा है। इसका खामियाजा किसानों को परेशान होकर भुगतना पड़ रहा है। खरीद केंद्रों से गेहूं उठान कराने की कार्रवाई चल रही है। एक-दो दिन में व्यवस्था में सुधार आने की उम्मीद है।गेहूं की डिलेवरी में कुछ अड़चन आ रही है, जिसे दूर करने का प्रयास किया जा रहा है। शीघ्र ही कोई न कोई हल निकलने की उम्मीद है।
जल्द ही गेहूं की डिलेवरी का समधान निकलेगा। इसके प्रयास जारी हैं।
- दिव्यांशु वर्मा
जिला प्रबंधक, पीसीएफ
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गेहूं खरीद पर्याप्त हो रही है, लेकिन डिलेवरी से अड़चन आ रही है। समस्या का जल्द समाधान होने की उम्मीद है।
- रमेश कुमार गुप्ता
सहायक निबंधक सहकारिता
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खरीदे गए गेहूं की पैंतीस प्रतिशत डिलेवरी गोदामों में हो चुकी है। परिवहन दर को लेकर उपजे विवाद का समाधान करने के लिए ठेकेदार से वार्ता चल रही है। जल्द समाधान निकलेगा।
- राकेश त्रिपाठी
जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी