ललितपुर। जिले में गेहूं की कम पैदावार ने इस साल बाहरी जनपदों को भेजने वाली रैकों की संख्या घटा दी है। गत वर्ष जहां 172 रैक गेहूं लोड होकर विभिन्न पोर्ट तक पहुंचाया गया था, लेकिन इस बार 50 रैक ही लोड हो सकी हैं। रेलवे अफसरों का कहना है कि अभी एक रैक और बुक कराई गई है। जबकि आढ़तियों का कहना है कि मंडी में गेहूं की आवक होने के बाद ही स्थिति साफ होगी। फिलहाल इस साल यदि सब कोशिश कर ली जाए तो भी 10 रैक से अधिक नहीं भेजी जा सकती हैं।
जनपद में हर वर्ष गेहूं की करीब 50 प्रतिशत से अधिक क्षेत्रफल में बुवाई होने पर करीब 35 से 37 फीसदी पैदावार होती थी, लेकिन इस वर्ष गेेहूं की महज 17 से 19 फीसदी ही पैदावार हो सकी है और इसका असर लोडिंग में भी देखने को मिला है। जहां बीते वर्ष 2020 में 172 गेहूं की रैक लोड होकर बाहर भेजी गई थी। वहीं इस वर्ष अप्रैल से नवंबर में अब तक मात्र 50 रैक ही लोड हो सकी हैं। हालांकि आढ़ती अभी अभी करीब दस रैक और लोड होने का दावा कर रहे हैं। जबकि रेलवे के अधिकारी का कहना है कि अभी एक रैक और बुक कराई गई है आगे यदि कोई डिमांड करता है तो उसकी व्यवस्था की जाएगी।
यह 50 रैक गेहूं गुजरात के कांडलापोर्ट, सर्वा पोर्ट, एमडीसीसी मुद्रा पोर्ट मुंबई के केआरआईआर पोर्ट तक भेजी गई हैं। ऐसा ही कुछ असर जनपद आने वाली रैक में भी देखने को मिला है। जिसके तहत पिछले वर्ष अप्रैल 2020 में जहां चावल, सीमेंट और खाद की कुल 71 रैक ललितपुर जिले में आई थीं, वहीं इस वर्ष से अब तक मात्र 41 रैक ही जनपद में आ सकी हैं। इनमें चावल की रैक अधिकांशत: पंजाब के रोजा, पानीपत और सोनीपत से आती हैं, जबकि सीमेंट कोटा सतना आदि स्थानों से आता है। वहीं खाद की रैक भी कांडला पोर्ट, रोजा, मुद्रा पोर्ट आदि स्थानों से आती हैं।
पिछले वर्ष बांग्लादेश गई थी गेहूं की नौ रैक
वर्ष 2020 अप्रैल से मार्च 2021 तक नौ रैक गेहूं यानि 25710 एमटी गेहूं ललितपुर से बांग्लादेश भेजा गया था। इसमें ललितपुर से आखिरी रैक बांग्लादेश में एक इस वर्ष एक अप्रैल को भेजी गई थी और जनपद से ही इस बार बांग्लादेश सीमा तक के लिए कुल 200 रैक गेहूं की डिमांड लगी है।
पिछले वर्ष तक जहां 35 से 37 फीसदी तक गेहूं की जनपद में पैदावार होती थी, इस बार पैदावार मात्र 18 प्रतिशत तक ही हो सकी है। यही कारण है कि इस वर्ष गेहूं की रैक कम लोड हो सकी हैं। हालांकि अभी तक 10 रैक गेहूं अभी और लोड होना है।-अशोक जैन अनौरा, अध्यक्ष, गल्ला व्यापार संघ।
इस वर्ष जनपद में गेहूं बुवाई का क्षेत्रफल और गेहूं की पैदावार पिछले वर्ष की तुलना इस वर्ष आधी रह गई है। वहीं इस वर्ष से टीकमगढ़ से भी रैक लोड होना शुरू हो गया है। यही कारण है कि इस बार जनपद से गेहूं की रैक की लोड कम हो सकी हैं।
-अनिल जैन अंचल, गल्ला व्यापारी।