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गेहूं में बालू मिलाने के मामले में उपवास व सत्याग्रह शुरू

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गेहूं मिलावट - फोटो : ????? ??????
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ललितपुर। गेहूं में मिलावट करने वाले को क्लीन चिट देने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। बृहस्पतिवार को नगर कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष के नेतृत्व में तीन दिन का उपवास शुरू कर दिया गया है। वहीं, बुंदेलखंड विकास सेना ने सत्याग्रह करते हुए गड़बड़ी करने वालों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत कार्रवाई करने की मांग की है।
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कांग्रेस के नगर अध्यक्ष हरीबाबू शर्मा ने आरोप लगाया कि किसानों से गेहूं खरीदने के लिए कई नियम हैं, लेकिन जब किसानों की आड़ लेकर कुछ लोग इसमें हेरफेर करते हैं तो अफसर दरियादिली दिखाने लगते हैं। पिछले दिनों अमरपुर मंडी में डिलीवरी के दौरान ऐसा ही मामला उजागर हुआ। यहां एफसीआई के कर्मियों ने एक हजार गेहूं की बोरी में बालू की मिलावट पकड़ ली थी, जिसे रिजेक्ट कर दिया गया, इसी का सहारा लेकर फर्म संचालक को बचाया जा रहा है। इससे अन्य लोगों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। पार्टी ने पहले ही मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की थी। उन्होंने गेेहूं में मिलावट करने वालों को क्लीन चिट देने की आलोचना करते हुए राज्यपाल से जांच कराने की मांग की है। इस मौके पर रामनरेश दुबे, प्रदीप रिछारिया, महेंद्र पनारी, मोंटी शुक्ला, अजय तोमर, अजय कुशवाहा, समद खान आदि उपस्थित रहे।
उधर, बुंदेलखंड विकास सेना प्रमुख हरीश कपूर टीटू ने दो घंटे का मौन व्रत रखकर घर पर सत्याग्रह किया। इसके बाद उन्होंने कहा कि जहां एक ओर पूरा देश कोविड-19 जैसी महामारी के दौर से गुजर रहा है, वहीं समाज के चुनिंदा लोग भ्रष्टाचार का पलीता लगा रहे हैं। जब दूध में पानी मिलाने के आरोप पर सजा और बड़े जुर्माने का प्रावधान है तो गेहूं में बालू मिलाने वाले को कैसे क्लीनचिट दे जा रही है, यह जांच का विषय है। मांग की गई है कि सरकारी गेहूं खरीद में बालू की मिलावट करने वालों को तुरंत गिरफ्तार करके उन पर एनएसए की कार्रवाई की जाए। इस मौके पर राजकुमार कुशवाहा, मुन्ना त्यागी, अमर सिंह, प्रदीप पंडित, अमान साहू कार्यकर्ताओं ने दो घंटे का मौन व्रत रखा।
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