ललितपुर। जिले में गेहूं खरीद का रास्ता प्रशस्त हो गया है। जिला प्रशासन ने 92 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद के लिए 85 केंद्रों की स्थापना पर मुहर लगा दी है। खरीद के दौरान क्रय केंद्र प्रभारी सहित अन्य कर्मचारियों को सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करना होगा एवं चेहरे पर मास्क लगाना अनिवार्य होगा। गेहूं के सभी खरीद केंद्रों पर साबुन रखा जाएगा।
कोरोना वायरस के संक्रमण के मद्देनजर सुरक्षा के कई कदम उठाए गए हैं। गेहूं खरीद में क्रय केंद्रों पर किसानों की अनावश्यक भीड़ रोकने के लिए ऑनलाइन टोकन की व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए गए हैं। गेहूं की बिक्री के इच्छुक किसान क्रय केंद्र प्रभारियों से संपर्क कर संभावित दिनांक का अनुरोध करेंगे। इस पर संबंधित क्रय केंद्र प्रभारी द्वारा एक सप्ताह के अंदर ऑनलाइन टोकन जनरेट किया जाएगा। इसकी सूचना किसान के पंजीकरण प्रपत्र पर दर्ज मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से पहुंचाई जाएगी।
किसानों की सुविधा के लिए अपना आधार कार्ड ले जाने पर पूर्व से पंजीकृत नहीं होने की दशा में क्रय केंद्र प्रभारी द्वारा मौके पर ही उसके फोटो पहचान पत्र, बैंक पासबुक एवं खतौनी की प्रति के आधार पर उसका पंजीकरण क्रय केंद्र प्रभारी द्वारा सुनिश्चित किया जाएगा। 13 अप्रैल तक किसानों के लिए पेयजल और बैठने की व्यवस्था करने के लिए निर्देशित किया गया है। उधर, जिला प्रशासन ने 85 केंद्रों की स्थापना के लिए अपनी स्वीकृति प्रदान की है। इसमें पीसीएफ के 76, विपणन के 03, नेफेड के 05 और एफसीआई का 01 केंद्र संचालित होगा। इस तरह चिह्नित केंद्रों पर तय लक्ष्य 92,500 मीट्रिक टन गेहूं खरीदा जाएगा। इसमें एफसीआई 2000, नेफेड 10000 और खाद्य विभाग 3000 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद करेगा। शासन ने गेहूं का समर्थन मूल्य 1925 रुपये पहले ही तय कर दिया है।
गेहूं खरीद के दौरान क्रय केंद्रों पर भीड़ नहीं लगने दी जाएगी। हर हाल में सोशल डिस्टेंस का पालन कराया जाएगा।
- रमेश कुमार गुप्ता, सहायक निबंधक, सहकारी समितियां
खरीद केंद्रों पर आने वाले किसानों के हाथ धुलवाए जाएंगे। इसके लिए केंद्र पर साबुन भी रखे जाएंगे। पंद्रह अप्रैल से खरीद प्रारंभ हो जाएगी।
- मनोज कुमार, प्रभारी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी