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गेहूं खरीद की होगी जांच

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wheat - फोटो : wheat
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ललितपुर। गेहूं खरीद मामले में जांच बैठा दी गई। मंडलायुक्त सुभाष चंद्र शर्मा ने उप निदेशक मंडी परिषद को जांच अधिकारी नामित किया है। जिले में सरकारी समर्थन मूल्य का लाभ किसानों को दिलाने के लिए एक सैकड़ा से ज्यादा गेहूं खरीद केंद्र खोले गए थे। इस दौरान तमाम गड़बड़ियां उजागर हुई थीं। इस पर डीएम योगेश कुमार शुक्ल ने मल्टी स्टेट कंपनियों, एफपीओ आदि के गेहूं खरीद केंद्रों पर रोक लगा दी थी। इसके बाद 55 खरीद केंद्रों पर गेहूं की खरीद अनवरत चलती रही।
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संभागीय खाद्य नियंत्रक झांसी द्वारा खरीद केंद्रों के अंतर्गत खरीदे गए गेहूं के संबंध में 26 जून के प्रपत्रों का अवलोकन किया तो पाया कि इसमें यूपीपीसीयू, नेफेड, पीसीएफ, भारतीय खाद्य निगम, यूपी एग्रो और सहकारी समितियों की एजेंसी के गेहूं खरीद केंद्रों पर अप्रत्याशित रूप से खरीद बढ़ गई है। ऐसे में संभावना जताई गई है कि कुछ खरीद केंद्रों पर व्यापारियों का गेहूं किसानों के नाम दर्शाकर खरीदा गया। जालौन में लक्ष्य से काफी अधिक खरीद की गई। भारतीय खाद्य निगम में कई एजेंसियों की अवशेष डिलीवरी अभी ज्यादा है। झांसी में भारतीय खाद्य विभाग, पीसीएफ का जालौन और ललितपुर में काफी मात्रा में गेहूं का उठान होना शेष है। झांसी में पीसीएफ, नेफेड, जालौन में पीसीएफ, यूपी एग्रो व ललितपुर में पीसीएफ की काफी धनराशि किसानों को भुगतान के लिए शेष है, जो स्थिति गंभीर है। इसे ध्यान में रखकर जांच बैठाई गई है।
झांसी मंडल के उपनिदेशक मंडी परिषद सीपी तिवारी, ललितपुर, जालौन व झांसी में संयुक्त विकास आयुक्त चंद्रशेखर शुक्ला को जांच के लिए नामित किया गया है। उन्हें एक सप्ताह में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। विभागीय आंकड़ों पर नजर डालें तो 26 जून को लक्ष्य के हिसाब से कुल 66.48 प्रतिशत की खरीद की गई थी, जबकि 27 जून को 74.39 प्रतिशत गेहूं की खरीद हुई।
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गेहूं में मिलावट पकड़ी गई थी
गेहूं खरीद के दौरान एक मोड़ ऐसा भी आया, जब गेहूं में बालू की मिलावट पकड़ी गई थी। पिछले दिनों जब एक निजी कंपनी द्वारा एफसीआई के गोदाम में गेहूं की डिलीवरी की जा रही थी, उसी दौरान एफसीआई के क्लाविटी कंट्रोल मैनेजर ने गेहूं में बालू की मिलावट पकड़कर उसे रिजेक्ट कर दिया था।
गेहूं खरीद पूरी प्रक्रिया के तहत की गई। इसमें किसानों ने ऑनलाइन पंजीकरण कराया था, जिसे एसडीएम द्वारा सत्यापित किया गया। गेहूं खरीद में अप्रत्याशित वृद्धि पर कुछ नहीं कह सकते।
- राकेश कुमार त्रिपाठी, जिला खाद्य विपणन अधिकारी
इतना था लक्ष्य
जिले में 92,500 मीट्रिक टन गेहूं खरीद करने का लक्ष्य रखा गया था। इसके सापेक्ष 30 जून तक 80,694. 85 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद हुई है। इसमें से 58,373.58 मीट्रिक टन गेहूं का गोदामों में सुरक्षित भंडारण किया गया है।
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