संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। बीमा कंपनी का टोल फ्री नंबर न लग पाने से किसान परेशान हैं। फसलों में नुकसान होने पर 72 घंटे में इसकी शिकायत दर्ज करनी होती है। ऐसे में किसान लगातार टोल फ्री नंबर पर कॉल कर रहे हैं, लेकिन फोन न लगने से चिंता में हैं। किसानों ने जांच कर कार्रवाई करने व बीमा क्लेम दिलाने की मांग की है।
यहां के 2.64 किसानों में 1.09 लाख ने प्रधानमंत्री फसल बीमा अंतर्गत रबी फसल का बीमा कराया है। फसलों में आपदा से होने वाले नुकसान की शिकायत 72 घंटे में बीमा कंपनी में करनी होती है। बीमा कंपनी ने टोल फ्री नंबर तो जारी कर दिया, लेकिन उक्त नंबर लग नहीं रहा है। अब शिकायत करने की समय सीमा भी समाप्त हो गई है। किसानों ने बताया कि कई बार बीमा कंपनी के टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करने का प्रयास किया, लेकिन असफल रहे।
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गेहूं की फसल बारिश व हवा से गिरकर खराब हो गई है। इसकी जानकारी देने के लिए टोल फ्री नंबर पर कॉल करने की कोशिश की, लेकिन शिकायत दर्ज नहीं हो सकी।
- राजाराम यादव, धमना
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तेज हवा, बारिश व ओलावृष्टि से फसलों में नुकसान हो गया। फसली बीमा कंपनी का टोल फ्री नंबर न लगने से शिकायत नहीं हो पा रही है। अब बीमा क्लेम न मिलने की चिंता सता रही है।
- मधुसूदन मिश्रा, धनगौल
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बीमा कंपनी ने टोल फ्री नंबर तो जारी कर दिया, लेकिन कई बार प्रयास करने के बाद भी बात नहीं हो सकी। ऐसे में बीमा कंपनी के खिलाफ कार्रवाई की जाए।
- हल्कन कुशवाहा, लड़वारी
फसल में नुकसान होने पर 72 घंटे में शिकायत दर्ज कराने का नियम है, लेकिन अब तक शिकायत दर्ज नहीं हो सकी है। अब क्लेम कैसे मिलेगा, इसकी चिंता बनी हुई है।
- गजेंद्र सिंह, सिंगेपुर
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दो दिन पहले तेज हवा और बारिश के साथ ओलावृष्टि से फसल को नुकसान पहुंचा है। फसल का बीमा था, लेकिन क्लेम के लिए टोल फ्री नंबर पर शिकायत नहीं दर्ज हो पाई।
- सीताराम सेन, पाली
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किसानों को बीमा कंपनी से शिकायत दर्ज कराने के लिए टोल फ्री नंबर व क्रॉप एप दो माध्यम हैं। किसान जनसुविधा केंद्र से एप पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
- बसंत कुमार दुबे, उप निदेशक कृषि
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2668 किसानों ने दर्ज कराई टोल फ्री नंबर पर शिकायत
यहां 1.09 लाख किसानों ने रबी फसल का बीमा कराया था। बीते दिनों तेज हवा के साथ बारिश व ओलावृष्टि से फसलों में नुकसान हो गया था। किसानों ने टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज करानी शुरू की, लेकिन अधिकांश किसान टोल फ्री नंबर न लगने से वंचित हो गए। अब तक महज 2668 किसानों ने ही टोल फ्री नंबर पर शिकायत दर्ज कराई है। दो मार्च को 1344, तीन मार्च को 816, चार मार्च को 508 किसानों ने शिकायत की है।