परिषदीय स्कूलों में लंबे समय से गैरहाजिर चल रहे शिक्षक-शिक्षिकाओं पर कार्रवाई के लिए बेसिक शिक्षा विभाग ने कमर कस ली है। बीएसए के सख्त रवैये से इन शिक्षकों पर कार्रवाई तय मानी जा रही है। इसके लिए इन शिक्षकों की दोबारा सूची तैयार की जाएगी। बीएसए को लंबे समय से मिल रहीं शिकायतों के बाद यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने सभी बीईओ से गायब रहने वाले शिक्षकों को चिह्नित करने के निर्देश दिए हैं।
जिले में 1049 प्राथमिक एवं 492 पूर्व माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं। प्राथमिक विद्यालय में कार्यरत प्रधानाध्यापक करीब 612, सहायक अध्यापक 2413 हैं। इसी तरह पूर्व माध्यमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक करीब 194 व सहायक अध्यापक 1344 तैनात हैं। इनमें से कई अध्यापक, अनुदेशक व शिक्षामित्र लंबे समय से गैरहाजिर चल रहे हैं। अफसरों के निरीक्षणों में भी ऐसे अध्यापकों के नाम सामने आए हैं। इसके अलावा मोबाइल लोकेशन की जानकारी के दौरान भी लंबे समय से गायब चल रहे कई शिक्षक, शिक्षिकाओं के नाम सामने आए हैं। जबकि कार्रवाई के लिए खंड शिक्षा अधिकारियों को इन शिक्षकों के नाम नहीं मिल रहे हैं। बीते माह जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संतोष कुमार राय ने लंबे समय से गायब शिक्षक/शिक्षिकाओं के नाम तलब किए गए थे। इस दौरान जिले के सभी विकासखंडों में महज सात शिक्षक ही लंबे समय से गायब मिले थे। जिस पर बीएसए संतोष कुमार राय ने नाराजगी जताते हुए सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को दोबारा सूची बनाने और शिक्षकों को चिह्नित करने को कहा है।
पांच साल पहले हुई थी बड़ी कार्रवाई
करीब पांच साल पहले तत्कालीन बीएसए देवेंद्र कुमार सिंह के कार्यकाल में लंबे समय से गायब कई शिक्षक, शिक्षिकाओं को नौकरी से हाथ धोना पड़ा था। उनके बाद कोई भी बीएसए लंबे समय से गायब शिक्षक, शिक्षिकाओं की कार्रवाई को अंजाम तक नहीं ले जा सका है। शायद यही वजह है कि शिक्षक/शिक्षिकाओं की मनमानी पर अंकुश नहीं लग पा रहा है।