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हम ही कर रहे शहर को गंदा

Sat, 14 May 2016 01:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
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city, lalitpur news - फोटो : amar ujala
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ललितपुर। शहर में व्याप्त गंदगी को लेकर सिर्फ नगर पालिका ही जिम्मेदार नहीं है, कुछ जिम्मेदारी नागरिकों की भी है। सड़कों व गलियों में गंदगी स्थानीय लोगों द्वारा ही फैलाई जाती है, इसका मुख्य कारण है कि आम नागरिक सफाई व्यवस्था को लेकर जागरूक नहीं है। कहीं पर भी मनमर्जी से कचरा फेंक देने से हम खुद गंदगी फैला रहे हैं।
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प्रदेश व राष्ट्रीय स्तर पर हुए सर्वे में सामने आया है कि देश की जनता सफाई के प्रति जागरूक नहीं है। सर्वे भले ही अब आया हो, लेकिन भारत सरकार द्वारा स्वच्छ भारत मिशन पहले से ही शुरू कर दिया गया है। मिशन का मुख्य उद्देश्य जनता को सफाई के प्रति जागरूक करना है। सरकार द्वारा समय-समय पर विशेष स्वच्छता पखवाड़े चलाकर नगर के मुहल्लों व अन्य स्थानों पर कैंप लगाकर जागरूकता अभियान चलाया जाता है, लेकिन नगर पालिका द्वारा अभियान को गंभीरता से न लेने के कारण लोग जागरूक नहीं हो पाए हैं। इसी का नतीजा है कि शहर की जनता सफाई व्यवस्था को बनाए रखने के प्रति लापरवाह बनी हुई है।
शहर की मलिन बस्तियों के अलावा पॉश इलाकों में रहने वाले नागरिक भी सफाई को लेकर जागरूक नहीं है। यही कारण है कि शहर के लगभग सभी मुहल्लों, बाजारों व सार्वजनिक स्थलों पर गंदगी पसरी रहती है। यदि शहर को साफ व स्वच्छ रखना है तो जनता को भी इसमें सहयोग देना होगा।
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पसंद नहीं आए डस्टबिन
शहर  के सार्वजनिक स्थानों, बाजारों व व्यस्ततम इलाकों जहां पर जगह के अभाव में  बड़े डस्टबिन नहीं रखे जा सकते हैं, ऐसे स्थानों पर नगर पालिका ने करीब एक वर्ष पूर्व प्लास्टिक के डस्टबिन रखवाए थे। लाखों रुपये खर्च कर खरीदे गए इन डस्टबिन का स्थानीय लोगों द्वारा उपयोग नहीं किया, बल्कि उनमें जलता हुआ कचरा डाल दिया, जिससे ज्यादातर डस्टबिन जल गए। कुछ डस्टबिन बचे थे, जिन्हें नगर पालिका ने उठाकर कार्यालयों व अन्य सुरक्षित स्थानों पर रखवा दिया है।

कंपनी बाग में पड़ा रहता है कचरा
चंद्रशेखर आजाद उद्यान पार्क (कंपनी बाग) में सुबह-शाम शहरवासी घूमने आते हैं। पिछले कुछ समय से इस पार्क को स्थानीय संगठनों ने अपनी बैठक का स्थल बना लिया है। इन बैठकों के दौरान समितियों व संगठनों द्वारा  खाद्य व पेय पदार्थों का उपयोग किया जाता है। लेकिन, बैठक के बाद सभी संगठन कचरा आदि गंदगी को पार्क में ही फैलाकर चले जाते हैं। सबसे अधिक समस्या को सामना पार्क में घूमने के लिए आने वाले लोगों को सोमवार की सुबह करना पड़ता है, क्योंकि रविवार को यहां सबसे अधिक संगठनों की बैठकें आयोजित होती हैं। कुछ लोग तो समारोह स्थल के रूप में कंपनी बाग का उपयोग करने लगे हैं। जिला उद्यान विभाग के अधिकारियों द्वारा इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया जाता है।

भाजपा भी है निष्क्रिय
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गांधीजी की जयंती पर दो अक्तूबर 2014 में स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत कर खुद झाड़ू लगाकर लोगों को स्वच्छता का संदेश दिया था, लेकिन उनकी पार्टी के लोग इस अभियान में रुचि नहीं दिखा रहे हैं। शुरूआती औपचारिकताओं के बाद शहर में स्वच्छता के प्रति जागरूकता हेतु भाजपाइयों ने अभियान नहीं चलाया।

नगर पालिका द्वारा शहर को साफ व स्वच्छ रखने के लिए पूरी कोशिश की जा रही है। स्थानीय लोगों को भी अपने शहर को क्लीन बनाने में सहयोग करना चाहिए।
- सुभाष जायसवाल
नगर पालिका अध्यक्ष

पार्टी के जिलाध्यक्ष मनोनीत होने के इंतजार में कार्यकारिणी लगभग भंग चल रही थी। अब जिलाध्यक्ष मनोनीत हो गए हैं, नवीन कार्यकारिणी गठित होने के बाद सफाई व्यवस्था हेतु जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
- राजेश लिटौरिया, नगर अध्यक्ष, भाजपा

शिक्षा के अभाव के कारण स्थानीय लोगों में जागरूकता की काफी कमी है। यदि कोई आम नागरिक आगे आकर शहर को स्वच्छ रखने के लिए पहल शुरू करता है तो अच्छी बात है। बिना पहल किए लोग सफाई के प्रति नहीं सोचेंगे।
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- जुबेद खान मंसूरी
नागरिक
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