ललितपुर। ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की सप्लाई के लिए तमाम योजनाएं चलाई गईं लेकिन उनका कोई खास असर नहीं हुआ। पेयजल योजना के लिए चलाई गईं 10 परियोजनाएं ठप पड़ी हैं और 11 परियोजनाओं से लोगों को थोड़ा बहुत पानी मिल रहा है। इससे विभिन्न क्षेत्रों में पेयजल संकट गहरा गया है। पानी की समस्या से निकटने के लिए 41 गांवों में टैंकरों से आपूर्ति की जा रही है। गांवों में अब लोगों को टैंकरों के आने का इंतजार रहता है।
शहर की भांति गांवों में भी पाइप लाइन के जरिये लोगों को शुद्ध पेयजल मुहैया कराया जा रहा है। इसके लिए जल निगम की 03, ग्राम पंचायत 30 व जल संस्थान की 22 योजनाएं चलाई जा रही हैं, लेकिन रखरखाव के अभाव में कई परियोजनाएं ठप पड़ीं हैं। किसी की मोटर खराब है तो किसी के बोर में पानी कम हो गया है। इससे पानी की आपूर्ति या तो कम हो रही है या फिर पूरी तरह बंद है। जल संस्थान पैसे की कमी के कारण खराब परियोजनाओं की मरम्मत नहीं करा पा रहा है। कई ग्राम पंचायतें इसे गंभीरता से नहीं ले रही हैं। जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह ने पेयजल की समस्या से निपटने के लिए अधिकारियों को रोज बैठक करने के निर्देश दिए हैं।
जिला पंचायतराज अधिकारी श्रवण कुमार सिंह ने ग्राम पंचायत सचिवों को समस्याग्रस्त क्षेत्रों में टैंकर से पानी की सप्लाई के निर्देश दिए हैं। इस पर 41 गांवों में पानी में पानी की सप्लाई टैंकरों से की जा रही है। खराब हैंडपंपों की मरम्मत कराने के लिए भी निर्देश दिए गए हैं। विभागीय अफसरों का मानना है कि इस बार पिछले साल जैसी स्थिति नहीं है। पिछले साल इस समय 80 ग्रामों में टैंकरों से पानी की सप्लाई की जा रही थी। अभी गांवों में स्थित कुओं में पानी है। पेयजल समस्या पर लगातार नजर रखी जा रही है। जिस गांव से टैंकर चलाने की मांग आ रही है, उसे तुरंत स्वीकृति प्रदान की जा रही है। इसके अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में खराब हैंडपंपों का सर्वे कराया जा रहा है। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि जिले में कितने हैंडपंप ड्राई व खराब हैं? इसके बाद आगे की रणनीति बनाई जाएगी।
ग्राम पंचायत सचिवों को खराब हैंडपंपों की मरम्मत के निर्देश दिए गए हैं। हैंडपंपों की वास्तविक स्थिति क्या है, इस संबंध में सूचना मांगी गई है।
- श्रवण कुमार सिंह, जिला पंचायत राज अधिकारी
नेहरू नगर में भी गहराया जल संकट
शहर के मोहल्ला नेहरू नगर में जल संकट गहरा रहा है। यहां टैंकर से जलापूर्ति की जा रही है। जैसे ही टैंकर पानी भरकर मोहल्ले में पहुंचता है, वैसे ही टैंकर पर पानी भरने वालों की भीड़ लग जाती है। तमाम लोग रात्रि में हैंडपंप से पानी जुटा रहे हैं। कोई साइकिल पर कुप्पे लादकर पानी ढो रहा है तो कोई स्वयं अपने हाथों से भरे कुप्पे घर ले जा रहे हैं।