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लाखों खर्च, कुओं का नहीं हो पा रहा उपयोग

Thu, 20 Apr 2017 12:51 AM IST
lalitpur
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प्रशासन - फोटो : amar ujala
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विगत वर्ष अप्रैल में नगर पालिका ने शहर में स्थित करीब एक दर्जन कुओं की सफाई कराई थी। इसके पीछे नगर पालिका का उद्देेश्य था कि शहर के जिन मुहल्लों में बिछी पाइल लाइन में जल संस्थान का पानी नहीं पहुंच पाता है, तो इन इलाकों में कुओं से जलापूर्ति की जाए। एक वर्ष बीत गया है और मुहल्लों में पानी का संकट गहराने लगा है, लेकिन अभी तक जल संस्थान इन कुओं से जलापूर्ति शुरू नहीं करा पाया है।
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शहर की सीमांतर चारों ओर बसे अधिकतर मुहल्ले या तो पठारी मैदान पर बसे हुए हैं या फिर कुछ ऊंचाई पर बसे हुए हैं। इनमें वार्ड नंबर चार व छह का नेहरू नगर क्षेत्र, वार्ड नंबर एक का खिरकापुरा व विष्णुपुरा और पठापुरा, वार्ड नंबर 11 का गोविंद नगर व चौकाबाग क्षेत्र, वार्ड नंबर आठ और 10 का वसुंधरा कॉलोनी व आईटीआई कॉलोनी क्षेत्र, वार्ड नंबर 15 का पिसनारी बाग, वार्ड नंबर पांच व सात के मुहल्ला रामनगर, वंशीपुरा, बड़ापुरा शामिल हैं, जहां पर जल संस्थान की पाइप लाइन तो हैं, लेकिन अधिक दूरी व ऊंचाई होने के कारण इन मुहल्लों में पानी नहीं पहुंच पाता है। इसके अलावा इन मुहल्लों का गर्मियों में भूजल स्तर भी काफी गिर जाता है, जिससे सरकारी हैंडपंप तो लगभग पूरी तरह से सूखे पड़ जाते हैं। ऐसे में क्षेत्रीय नागरिकों को पानी के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ती है।

ऐसी स्थिति में इलाकों में स्थित प्राचीन सार्वजनिक कुएं क्षेत्रीय नागरिकों को मददगार साबित हो सकते हैं। इसी उद्देश्य से अमर उजाला ने बीती गर्मियों के मौसम में अप्रैल माह में कुओं की सफाई कराने की मांग को लेकर प्रमुखता से समाचार प्रकाशित किए थे, जिसको संज्ञान लेते हुए नगर पालिका अध्यक्ष सुभाष जायसवाल के निर्देशन पर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में स्थित कुल 11 कुओं की सफाई और मरम्मत का कार्य कराया था। इसके बाद नगर पालिका ने क्षेत्र में जलापूर्ति के लिए जल संस्थान को पत्र भेजकर कुओं की सफाई हो जाने से अवगत करा दिया था। कार्ययोजना के अनुसार कुओं की सफाई होने के बाद जल संस्थान द्वारा उक्त कुओं में पंप मशीन लगाकर क्षेत्रीय पाइप लाइन में जलापूर्ति करनी थी। कुओं की सफाई हुए लगभग एक वर्ष पूरा बीत गया है और गर्मी के कारण पानी का संकट भी गहराने लगा है, लेकिन अब तक कुओं से जलापूर्ति की कोई व्यवस्था नहीं की जा सकती है।      
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इन कुओं की कराई गई थी सफाई      
नगर पालिका ने विगत शहर के कुल 11 कुओं की सफाई व मरम्मत का कार्य कराया था, जिसमें लगभग छह लाख रुपये व्यय किए गए थे। सफाई कराए जाने वाले कुओं में वार्ड नंबर 01 के मुहल्ला विष्णुपुरा में स्थित कुआं, वार्ड नंबर दो के गांधी नगर में स्थित दो कुएं, वार्ड नंबर 04 नेहरू नगर क्षेत्र में हड्डीमील के पास स्थित कुआं, वार्ड नंबर 05 में वंशीपुरा में स्थित कुआं, वार्ड नंबर सात में मुहल्ला रामनगर में स्थित दो कुएं, वार्ड नंबर 16 में स्टेट बैंक के पास मुख्य मार्ग पर स्थित कुआं, वार्ड नंबर 22 में छतदार कुआं, वार्ड नंबर 24 में तालाबपुरा तिराहे पर स्थित कुआं, वार्ड नंबर 24 में नगर पालिका बालिका इंटर कॉलेज में स्थित प्राचीन बावड़ी की सफाई कराई थी। इसमें से नगर पालिका बालिका इंटर कॉलेज में स्थित बावड़ी से और वार्ड नंबर पांच के वंशीपुरा में स्थित कुएं से पूर्व में जल संस्थान द्वारा क्षेत्र में जलापूर्ति की जाती थी, लेकिन वह भी वर्षों से बंद पड़ी हुई है।      
     
नगर पालिका नहीं करती आर्थिक सहायता      
विभाग में सीमित बजट आता है तो केवल कर्मियों की वेतन में ही खर्च हो जाता है। बजट के अभाव के कारण ही कुओं में पंप मशीन नहीं डाली जा सकी है। नगर पालिका शहर की जलापूर्ति व्यवस्था में आर्थिक सहायता नहीं करती है। शासन द्वारा नगर पालिका को दिए जाने वाले 13वें व 14वें वित्त में लगभग 20 प्रतिशत धनराशि शहर की पेयजल व्यवस्था व निकासी में व्यय किया जाता है, लेकिन नगर पालिका पेयजल के लिए धनराशि उपलब्ध नहीं कराती है। पिछली नगर पालिका बोर्ड ने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में आर्थिक सहयोग किया था। इसके अलावा हाल में ही नगर पंचायत पाली व महरोनी ने नगर की पेयजल व्यवस्था के लिए नगर निकाए के बजट से नलकूप आदि स्थापित कराया है।      
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- वीके श्रीवास्तव      
प्रभारी अधिशासी अभियंता, जल संस्थान ललितपुर।
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