ललितपुर। जलसंस्थान की टंकी का वॉल्ब खराब होने से रविवार को नेहरू नगर में पानी को लेकर त्राहि-त्राहि मच गई। विभाग द्वारा सुबह जलापूर्ति तो की गई, लेकिन वह नाकाफी साबित हुई। इससे स्थानीय लोगों को हैंडपंप से पानी जुटाना पड़ा।
मोहल्ला नेहरू नगर में गर्मी की शुरुआत होते ही पानी के लिए त्राहि-त्राहि होने लगी है। करीब एक हफ्ते से पेयजल की आपूर्ति पूरी तरह से लड़खड़ा हुई है। इस कारण नेहरू नगरवासियों को सुबह से लेकर रात्रि तक पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है। तमाम लोग आधा से एक किलोमीटर की दूरी से पानी भर रहे है। तपती धूप में कोई सिर पर बर्तन रखकर तो कोई साइकिल पर कुप्पा टांग कर तो कोई हाथ ठेला पर डिब्बा रखकर तो कोई टैक्सी में डिब्बा रखकर पानी भर रहा है। सुबह से ही पानी भरने के लिये हैंडपंपों पर भीड़ लगने लगती है। हैंडपंप पर पानी भरने के चक्कर में कई मर्तबा झगड़े भी हो जाते हैं।
जिन गलियों में पानी नहीं पहुंच रहा हैं, वहां पर जल संस्थान के अधिकारी मौके पर भी नहीं पहुंचते हैं। इससे जनता में जल संस्थान के खिलाफ आक्रोश है। वर्तमान में पुरानी कलारी के पास, पुरानी पुलिस चौकी वाली गली में जगदीश किराना की दुकान के पास, प्राइमरी पाठशाला स्कूल के गेट के सामने, नैंसी गार्डन के पास, सिंह वाहिनी माता मंदिर पतरूआ गेट के सामने, झिब्बू की दुकान के पास पानी का टैंकर की जरूरत महसूस हो रही है। ताकि, नेहरू नगर की स्थानीय जनता को पानी मिल सके।
पानी की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। जल संस्थान द्वारा सुबह के समय जलापूर्ति का समय निर्धारित कर दिया जाए तो नेहरू नगर की जनता को पानी के लिए परेशान नहीं होना पड़ेगा। जहां पर पानी की जबरदस्त किल्लत है, उन स्थानों को चिह्नित कर टैंकर चलवाए जाएं।
- राजेंद्र यादव
एक हफ्ते पहले नल कभी सुबह 5 बजे व कभी 6 बजे आते थे, तब जलापूर्ति से कोई दिक्कत नहीं होती थी। जब से जल संस्थान के अधिकारियों ने मनमर्जी से जलापूर्ति का समय परिवर्तित कर दिया है, तब से नल आने का कोई टाइम निश्चित नहीं किया गया है, जिससे रोजाना पेयजल आपूर्ति गड़बड़ा रही है। इसका खामियाजा मोहल्लेवासियों को भुगतना पड़ रहा है।
- सुरेश कुमार
नेहरू नगर में एक सप्ताह से पेयजल आपूर्ति लड़खड़ा हुई है, इससे पानी को लेकर त्राहि-त्राहि मची गई है। इसके बाद भी जल संस्थान आपूर्ति दुरुस्त करने में नाकाम हो रहा है। टैंकर भी एक- दो भेजे जा रहे हैं, जिससे लोगों की पूर्ति नहीं हो पा रही है।
- विजय कुशवाहा
शनिवार को सुबह 8 बजे केवल दस मिनट के लिए ही नल आए थे। इसके बाद सुबह दस बजे फिर नल खोल दिये गये, इसमें भी आपूर्ति का समय केवल दस मिनट ही रहा। रविवार को पानी भरने के लिए सुबह 4 बजे जाग गए थे, पानी के इंतजार में बैठे-बैठे सुबह 11 बजे गए। इस दौरान मात्र 15 मिनट तक नल आए और चले गये। कई गलियों में तो नल नहीं आ रहे हैं, जिससे गली वासियों को पानी नहीं मिल पा रहा है।
- बल्ली
फोटो 49
कैप्सन-गोलू
उन गलियों में पाइप लाइन को ठीक कराने की आवश्यकता है, जहां नलों का पानी नहीं पहुंच रहा है। इससे गलियों में पेयजल का संकट बना हुआ है। विभागीय अफसरों को ऐसी गलियों का चिह्नींकरण करना चाहिए, ताकि सभी लोगों को पीने का पानी उपलब्ध हो सके।
- गोलू
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फोटो 50
कैप्सन-देवेंद्र राय
गर्मी आते ही नेहरू नगर में पेयजल का भीषण संकट गहराने लगता है। इस दौरान टैंकर भेजकर लोगों की प्यास बुझाने की कोशिश की जाती है, लेकिन इस बार पर्याप्त संख्या में टैंकर नहीं भेजे जा रहे हैं। इस कारण मोहल्लेवासियों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
- देवेंद्र राय
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टंकी का बाल्व खराब हो गया था, जिस कारण जलापूर्ति बाधित हुई। बाल्व को सही करा लिया गया है। सोमवार से जलापूर्ति सुचारू होने की उम्मीद है।
- संजीव कुमार, अधिशासी अभियंता
जल संस्थान
साइकिल पर पानी ढोते लोग- फोटो : LALITPUR