ललितपुर। सूर्य की तपिश बढ़ने के साथ ही ग्रामीण इलाकों में पेयजल का संकट गहराने लगा है। जनपद के 93 गांवों में लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। जल निगम ने ऐसे गांवों को चिह्नित किया है। अब उनमें पेयजल समस्या के समाधान के प्रयास शुरू हो गए हैं।
अप्रैल माह की शुरूआत से दिन का तापमान बढने लगा है। सुबह नौ बजे से सूर्य की किरणें गर्मी का अहसास कराने लगती हैं। यही वजह है कि भूगर्भ जल स्तर तेजी से नीचे खिसक रहा है, जिसका विपरीत प्रभाव जल स्रोतों पर दिखाई देने लगा है। नदी, तालाब और पोखरों में न के बराबर पानी रह गया है। उथले इलाकों में तो पानी पूरी तरह सूख गया है, जिससे कूप, बावड़ी व हैंडपंप पर लोग निर्भर होकर रह गए हैं। कई हैंडपंपों में या तो पानी कम निकल रहा है या फिर पानी देना ही बंद कर दिया है, जिससे ऐसे गांवों में पेयजल की विकराल समस्या खड़ी हो गई है।
जल निगम ने ऐसे गांवों का चिह्नींकरण किया है। इनमें ब्लाक बिरधा में ग्राम रमेशरा, पथराई, भारौन, हनौतिया, महोली, रसोई, बालाबेहट, दावर, पिपरई, धौजरी, धौर्रा, मुड़ारी, सैपुरा खालसा, ककौरिया, डुंगरिया, दूधई, टीकरा तिवारी, सकुलगुवा, सड़कोरा, दिदौली, नैकोरा, ब्लाक मड़ावरा में ग्राम बारई, पापड़ा, ठनगना, सकरा (धौरीसागर), जैतुपुरा, कुर्रट, लखंजर, दागली, गंगचारी, देवरा (धौरीसागर), नीमखेड़ा, हसरी, ब्लाक तालबेहट में ग्राम गेवरा गुंदेरा, असऊपुरा, वर्मा बिहार, रमपुरा कठवर, कोटरा, राजपुर, भरतपुरा, चुनगी, भैसनवारा कला, हसारी, ठाठखेरा, ब्लाक बार में कैलगुवां, करमई, धनगौल, बुरागांव चिगलौआ, गंगचारी, बानौनी, डंगराना, चकोरा का मजरा दौलतपुर, खिरियामिश्र, बषरौदाडांग, बम्हौरीखड़ेत, सेमराडांग, मथुराडांग, तुर्का, गडिया, भैलोनीलोध, ब्लाक महरौनी में ग्राम सौजना, पड़वा, डोंगराखुर्द, नाबई, ब्लाक जखौरा में ग्राम अंधेर, हर्षपुर, रायपुर, पिपरा, छिपाई (पठला), जमौरामाफी, बुधैड़ी, धुरवारा, बाचरौन, रसोई, बिनेकाटोरन, आलापुर, गुरसौरा, ननौरा, बानौली, महरौरीखुर्द, मुहारा, कारीपहाड़ी, अड़वाहा, नैगुवाखुर्द, करगन, तिलहरी, नौहरखुर्द, सौरई और दैलवारा आदि गांव शामिल हैं।
स्कूलों में भी पेयजल संकट
पेयजल संकट से परिषदीय स्कूल भी अछूते नहीं हैं। जिले के आधा सैकड़ा से ज्यादा विद्यालयों में पेयजल समस्या बनी हुई है। तमाम विद्यालयों में हैंडपंपों के रीबोर कराए गए हैं, लेकिन, उनमें पानी नहीं निकला है। जिससे कई स्कूलों में समस्या जस की तस है। इन हालात में बच्चे स्कूल में ठहर नहीं रहे हैं। कंठ सूखते ही वह बस्ता उठाकर घर चल देते हैं। ब्लाक जखौरा के ग्राम बीघामहावत के लोगों ने डीएम को शिकायती पत्र देकर स्कूल की पेयजल समस्या के समाधान की मांग की है। शिकायती पत्र पर एसएमसी अध्यक्ष अतल सिंह, प्राइमरी स्कूल के प्रधानाध्यापक मनीष जैन, कल्यान सिंह, बहादुर, बलवंत, प्रमोद आदि के हस्ताक्षर बने हैं।
चौदहवें वित्त आयोग की धनराशि से पेयजल समस्या का समाधान किया जाएगा। पंचायत सचिवों को टैंकर के माध्यम से जलापूर्ति के संबंध मेें निर्देश जारी जा रहे हैं।
- ब्रजेंद्र कुमार
जिला पंचायत राज अधिकारी