शहर में कई स्थानों पर पानी निकासी की व्यवस्था नहीं
ललितपुर। शहर में डेंगू व मलेरिया जैसी मच्छरजनित बीमारियां फैलने के बावजूद जलभराव की समस्या दूर नहीं की गई है। कई मोहल्लों में पानी निकासी की व्यवस्था नहीं होने से लोगों के घरों से निकलने वाला पानी खाली पड़े प्लाटों में जमा हो रहा है। कई प्लाटों में तो अभी तक बारिश का पानी भरा है। इससे मच्छर भी तेजी से फैल रहे हैं। नगर पालिका ने इन मोहल्लों में फागिंग तक नहीं कराई है। इसके अलावा पानी निकासी की भी व्यवस्था नहीं की गई है।
बरसात में तो पानी निकासी की व्यवस्था न होने से कई वार्ड टापू बन गए थे। बारिश खत्म हुए एक महीने से अधिक का समय बीत चुका है लेकिन अभी तक कई वार्डों में छोड़े गए प्लाटों में पानी भरा है। वार्ड नंबर 23 रावतयाना प्रथम के मोहल्ला शांति नगर में नालियों के पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं है। इससे नालियों का गंदा पानी जहां-तहां बहता है। कई जगहों पर अभी तक बरसात का पानी भरा है। इससे लोग मच्छरजनित बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इसके बाद भी जलभराव की समस्या का अब तक निराकरण नहीं हो सका है। इसका खामियाजा शहरवासियों को भुगतना पड़ रहा है। शहर में करीब एक दर्जन व्यक्ति डेंगू की चपेट में हैं। कई लोग मलेरिया की बीमारी का उपचार करा रहे हैं।
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शांति नगर क्षेत्र में नए मकानों का निर्माण हो रहा है, लेकिन यहां नालियों की समस्या अभी बनी हुई है। कई रास्ते नालियों के गंदे पानी से बिगड़ रहे हैं। यहां का हाल देखने के लिए कोई अधिकारी नहीं आता, जिससे यहां की समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा है। - विश्वनाथ
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सिंचाई विभाग ने कई जगहों पर नहर पटरी को पक्का कराया है, लेकिन मोहल्ला शांति नगर में नहर पटरी कच्ची है। इस कारण यहां का रास्ता ऊबड़ - खाबड़ है। यही नहीं, कई जगहों पर नहर पटरी कीचड़ में बदल गई है। ऐसे में मोहल्ले के लोगों को आने-जाने में भारी असुविधा होती है।
- सरमन चौबे
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शहर के किनारे वाले वार्डों में जलभराव की समस्या ज्यादा है। हमारा वार्ड भी शहर के एक किनारे पर है और नया निर्माण हो रहा है। इस कारण यहां कई खाली प्लॉट हैं, जिनमें बरसात व नालियों का गंदा पानी भरा है। मच्छर अधिक हैं, जिन पर नियंत्रण जरूरी है।
- महेश पटैरिया
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मंदिर के पास जलभराव होने से श्रद्धालुओं को आने-जाने में असुविधा हो रही है। कम से कम धार्मिक स्थलों के आसपास साफ-सफाई होना जरूरी है। इसके बाद भी नगर पालिका परिषद इस ओर ध्यान नहीं दे रही है। इससे समस्या विकट रूप लेती जा रही है।
- रूप सिंह यादव
जलभराव वाले स्थलों की जानकारी ली जा रही है। इसके बाद उसका इस्टीमेट बनाकर बोर्ड की बैठक में रखा जाएगा। बजट पास होने के बाद उसे दुरुस्त कराया जाएगा। इसके अलावा वार्डों में फागिंग भी कराने के लिए निर्देश दिए गए हैं।
मधुसूदन जायसवाल, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद।