ललितपुर। अपर जोन में दो दिन से जलापूर्ति बाधित बनी हुई है, जिससे मोहल्ला गांधी नगर व नई बस्ती के लोगों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है। कई लोगों ने हैंडपंप से पानी जुटाया तो क ई ने आस पड़ोस के लोगों से पानी मांगा।
गर्मी की अभी शुरुआत नहीं हो पाई है और जल संस्थान ने पानी के लिए रुलाना प्रारंभ कर दिया है। मोहल्ला गांधी नगर व नईबस्ती में शुक्रवार से जलापूर्ति लड़खड़ाई हुई है। स्थानीय लोग शनिवार की सुबह से जलापूर्ति बहाल होने की उम्मीद लगाए बैठे रहे, लेकिन कई घंटों के इंतजार के बाद लोगों को मायूसी हाथ लगी। इसके उपरांत महिला-पुरुष अपने बर्तन लेकर हैंडपंप के पानी भरने में जुटे रहे। कुछ हैंडपंपों पर लाइनें लग गईं। कुछ लोग तो पड़ोसियों ने पानी की मदद मांगी।
चंडी मंदिर के आसपास लोग पेयजल के लिए परेशान होते रहे। कुछ ऐसे भी लोग रहे, जिन्होंने जल संस्थान के अधिकारियों को आपूर्ति के संबंध में फोन घनघनाए। इस पर उन्हें रविवार को पानी मिलने का भरोसा दिया गया। इससे कुछ दिन पहले लोअर जोन में भी पेयजल की समस्या हो गई थी। यहां के लोगों को राहत मिली तो अपर जोन में परेशानी बढ़ गई।
शुक्रवार को पंद्रह मिनट की आपूर्ति हुई थी, लेकिन शनिवार को उतनी भी आपूर्ति नहीं की गई। इस कारण लोगों को पानी के लिए हैंडपंप तलाशने पड़े।
- उमेश पाल
जल संस्थान द्वारा की जा रही आपूर्ति का पानी रोज पीते हैं। जब हैंडपंप का पानी पीते हैं तो उससे गले की प्यास भी नहीं बुझती है। हैंडपंप का पानी पीते ही अहसास हो जाता है कि आज जल संस्थान का पानी बर्तनों में नहीं भरा गया है।
- वेद प्रकाश लिटौरिया
हर घर में नल से जल पानी पहुंचाने की बातें हो रही हैं, लेकिन जल संस्थान इसके लिए तैयार दिखाई नहीं देता है। वह आज भी पुरानी मशीनरी से जलापूर्ति करता है।
- शोभित कुमार पंथ
जलापूर्ति आवश्यक सेवा है, इसके बगैर किसी का काम चल नहीं सकता है। इसके बाद भी जल संस्थान में श्रमिकों से लेकर अधिकारी व कर्मचारियों की कमी बनी हुई है। इस पर ध्यान देने की आवश्यकता है।
- विश्वनाथ प्रताप
पानी की टंकी पूरी क्षमता से नहीं भर पाई थी, इस वजह जलापूर्ति में समस्या आई। रविवार को भरपूर पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
- संजीव कुमार, अधिशासी अभियंता
जल संस्थान