‘पानी’ मांग गया जल संस्थान, आधा शहर तरसा
ललितपुर। शहर में जल संस्थान पेयजल आपूर्ति दुरुस्त करने में ‘पानी’ मांग गया है। लगातार चार दिन से शहर के आधे हिस्से में आपूर्ति नहीं होने से लोगों में त्राहि- त्राहि मची है। कभी मोटर खराब होने तो कभी पाइप लाइन में लीकेज होने के कारण आए दिन आपूर्ति ठप रहने से विभाग की मुसीबत बढ़ गई है। शनिवार को भी आधे शहर को पानी नहीं मिला।
शहर की अधिकांश आबादी पानी के लिए जल संस्थान पर निर्भर है लेकिन जैसे ही गर्मी अपनी दस्तक देना शुरू करती है, वैसे ही पेयजल आपूर्ति सुचारु करने की जल संस्थान की तैयारियों की पोल खुल जाती है। वर्तमान में शहर की आधी आबादी चार दिनों से पेयजल के संकट से जूझ रही है। मोहल्ला नेहरुनगर, नई बस्ती, गांधीनगर, आजदपुरा, चांदमारी, सिविल लाइन, बसुंधरा कॉलोनी शामिल हैं। इन मोहल्लों में वैसे भी पानी की कमी रहती है, ऊपर से आपूर्ति नहीं होने से समस्या और अधिक बढ़ गई है। अधिकांश हैंडपंपों ने पानी देना छोड़ दिया है। यदाकदा ही हैंडपंपों से पानी आ रहा है। मोहल्लेवासियों को घरों से निकलकर काफी दूर चल कर पानी भरना पड़ रहा है। पानी किल्लत के चलते हैंडपंप पर चिल्लाती धूप में भी काफी भीड़ बनी रहती है।
जल संस्थान द्वारा भेजे जा रहे टैंकर भी जलापूर्ति नहीं कर पा रहे हैं। नेहरुनगर, बसुंधरा कॉलोनी में हैंडपंप के पानी छोड़ने से पूरी जलापूर्ति केवल टैंकरों के ही भरोसे हो गई है। यहां पर टैंकरों के पहुंचते ही मारामारी शुरु हो जाती है। हालत यह है पानी के इंतजार में खड़ी भीड़ में आधे लोगों को ही पानी मिल पा रहा है। वहीं, कुछ लोग पानी खत्म हो जाने पर खाली बर्तन लेकर मायूस होकर अपने घरों को लौट जाते हैं। अगले टैंकर आने का इंतजार करते हैं।
इतना ही नहीं टैंकरों से भी लोगों को पर्याप्त पानी नहीं मिल पा रहा है। ऐसे में लोगों को पीने के पानी के लिए केंपर खरीदना पड़ रहे हैं तो कुछ लोग काफी दूर से वाहनों का सहारा लेकर पानी जुटा रहे हैं। लेकिन, विभाग जलापूर्ति में आने वाली समस्याओं से छुटकारा नहीं दिला पा रहा है। जिससे लोगों केे भीषण गर्मी में भी घरों से निकल कर पानी भरना पड़ रहा है।
गोविंद सागर बांध के पास पाइप लाइन में लीकेज होने से व मोटर खराब हो जाने के कारण जलापूर्ति बाधित रही। शनिवार को लीकेज की मरम्मत का काम किया गया, इस कारण जलापूर्ति नहीं हो सकी।
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मोहल्ला में बीते चार दिन से पेयजल की समस्या गहरा गई है। यहां पर पूरे दिन पानी के टैंकर का इंतजार करना पड़ता है। कई बार टैंकर रात में आता है, जिससे मजबूर होकर नींद खराब कर पानी जुटाना पड़ रहा है।
- विक्की
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घरों में उपयोग के लिए पानी तो दूर पीने के लिए भी पानी नहीं मिल पा रहा है जिसके लिए पानी केंपर खरीद कर प्यास बुझा रहे हैं। साथ ही धूप में भी हैंडपंप से पानी जुटाने को मजबूर है। इसके बाद भी पानी नहीं मिल पा रहा है।
- विनीता
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मंगलवार से नलों में पानी नहीं आ रहा है। ऐसे में पानी की समस्या गंभीर हो गई है। चिलचिलाती धूप में पानी भरने के लिए घरों से दूर जाना पड़ रहा है। जिससे अन्य कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
- गिरजा
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पानी की समस्या दिनों दिन गहराती जा रही है और जल संस्थान द्वारा छोटेे टैंकरों से पानी की सप्लाई कराई जा रही है जिससे कम लोगों को ही पानी मिल पा रहा है। ऐसे में बड़े टैंकरों से पानी की आपूर्ति कराई जाए।
- हैप्पी यादव
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मोटर की बियरिंग खराब होने पर उसे बदल दिया गया है, लेकिन उसी दिन मोटर जल गई है। जिसे अब ठीक किया जा चुका है। शनिवार को पाइप लाइन का लीकेज दुरुस्त कराया गया। रविवार को आपूर्ति सुचारु रूप से कराई जाएगी।
- रामभुवन, अवर अभियंता, जल संस्थान
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जल संस्थान की मशीनरी बहुत पुरानी है, इस कारण दिक्कत आ रही है। पिछले दिनों जिले के दौरे पर आए प्रमुख सचिव को स्थिति से अवगत करा दिया गया था। उन्होंने इस्टीमेट बनाने को कहा था, ताकि नई मशीनरी लगाई जा सके। लेकिन, इसमें थोड़ा समय लगेगा। - मानवेंद्र सिंह, जिलाधिकारी