फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बूंद बूंद पानी के लिए मची है त्राहि-त्राहि

विज्ञापन
कैप्सन - टैंकर पर पानी लेने उमड़ी भीड़ - फोटो : TALDEHATE
विज्ञापन
तालबेहट। भीषण गर्मी में नगर में पानी और बिजली का संकट गंभीर रूप लेता जा रहा है। गंज मोहल्ला के लोगों को पिछले दस दिन से पानी के गंभीर संकट का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के सामने समस्या रखने के बावजूद समस्या का कोई समाधान न हो सका। इससे लोगों में काफी रोष है। बृहस्पतिवार को टैंकर आने पर लोगों की भीड़ पानी लेने के लिए उमड़ पड़ी।
विज्ञापन

पेयजल मुहैया कराने की जिम्मेदारी जल संस्थान की है। परंतु, कुछ समय से पेयजल व्यवस्था पटरी से बुरी तरह से उतर गई है। आमजन बूंद-बूंद पानी के लिए परेशान है। ऊंचाई वाले मोहल्लों की बात दूर गंज और हटवारा मुहल्लों में निवास करने वालों तक को पानी नहीं मिल रहा है। हैंडपंपों पर पानी लेने के लिए लोगों की भीड़ जुटी रही है। गर्मी के चलते हैंडपंपों का जलस्तर नीचा होने के कारण कुछ ने जबाब देना शुरू कर दिया है। इस समय पानी लेने का आलम यह है कि दोपहर में जब जल संस्थान को टैंकर पानी आता है तो भीषण गर्मी के बाबजूद पानी लेने के लिए लोग उस पर टूट पड़ते हैं। दो दिन से लोगों ने पानी की चाहत में मजबूरी में मानसरोवर तालाब जाना शुरू कर दिया है।
नगर में इस बार पेयजल संकट का अधिक सामना करना पड़ रहा है। जनता को बूंद- बूंद पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। आलम यह कि परिवार के लोगों के कपड़ेे साफ करने के लिए मजबूरी में तालाब पर जाना पड़ हा है।
विज्ञापन

- सुमित्रा नायक
गर्मियों में पानी के संकट में लोग अपनी रिश्तेदारी में तालबेहट आते थे, परंतु इस बार लग रहा है कि तालबेहट के लोग बाहर जाएंगे। लेकिन, कोरोना संक्रामक बीमारी के कारण वह मजबूर हैं और जल संस्थान के कर्मचारी इसी का लाभ उठाते हुए अधिक लापरवाह से हो गए हैं।
- लक्ष्मी देवी
इस समय सरकार सोशल डिस्टेंस बनाने की बात कह रही है। परंतु, पानी की चाहत में लोग सोशल डिस्टेंस का ध्यान नहीं रख पा रहे हैं। पानी के लिए लोगों को घरों से बाहर निकलने को मजबूर होना पड़ रहा है।
- कल्पना सोनी
व्हाट्सएप समूह बेकार
लोगों को पानी की आपूर्ति की जानकारी के लिए बनाया गया व्हाट्सएप समूह भी जानकारी के आधार पर पूरी तरह से असफल है। जिस समय जिस स्थान पर पानी की आपूर्ति के लिए कहा जाता है, उसके कई घंटे बाद पानी की आपूर्ति की जाती है। इससे लोग पानी की आस में न तो बाजार आ जा पा रहे हैं और न ही चेन से सो पाते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें