15 दिन से कॉलोनी में पेयजल को लेकर हाहाकार
ललितपुर। मान्यवर कांशीराम आवासीय कॉलोनी सुरईघाट में पंद्रह दिन से पेयजल का संकट चल रहा है। यहां लगे दो हैंडपंप खराब हो गए हैं, एक अन्य हैंडपंप कम पानी दे रहा है। कॉलोनी में पेयजलापूर्ति के लिए दो बोरिंग की गई थीं, लेकिन, इनमें से एक बोरिंग से ही पानी मिल रहा था। अब वह भी बंद हो गया है। ऐसे में कॉलोनी के निवासियों को मोहल्ला खिरकापुरा व श्मशानघाट में लगे हैंडपंप से पानी भरना पड़ रहा है।
शहर में रहने वाले निर्धन परिवारों को आवास देने के लिए बसपा सरकार ने मान्यवर कांशीराम आवासीय कॉलोनियों का निर्माण कराया था। इनमें गोविंद नगर, आईटीआई के पीछे, नारायणपुरा, खिरकापुरा, सुरईघाट और रघुवीर सिंह महाविद्यालय के पास दो कॉलोनी मनाई गईं। कॉलोनियों में जलापूर्ति के लिए लाखों रुपये से टंकी बनाई गईं, लेकिन टंकियों में पानी भरने की कोई व्यवस्था नहीं की गई। इस कारण कॉलोनियों की टंकी शोपीस बनकर रह गई हैं।
विडम्बना यह है कि इन टंकियों को अब तक किसी भी विभाग के लिए हैंडओवर नहीं किया गया है। शासन से टंकियों के रखरखाव के लिए भी पैसा नहीं मिल रहा है। इसको देखते हुए कॉलोनियों में जलापूर्ति के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की गई है। सुरईघाट कॉलोनी में बीस ब्लाक है, इनमें बोरिंग से पानी पहुंचाया जाता है। लेकिन, दो में से एक बोर ने पहले पानी देना बंद कर दिया था। अब दूसरे बोर ने भी साथ छोड़ दिया है।
15दिन से कॉलोनी में पानी की आपूर्ति ठप पड़ी है। यहां तीन हैंडपंप है, इनमें से दो हैंडपंप खराब हो गए हैं। एक हैंडपंप भी पानी कम दे रहा है। कॉलोनीवासियों का कहना है कि इस हैंडपंप की जंजीर टूट गई थी। किसी तरह जुगाड़ करके हैंडपंप चला रहे हैं, जो कभी भी खराब हो सकता है। आए दिन हैं पंप खराब हो जाते हैं, जिन्हें सुधरवाने में परेशान होना पड़ता है।
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कॉलोनी में पेयजल संकट गहराने से आंगनबाड़ी केंद्र सहित स्कूल के बच्चों को भी पीने के पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। महिला व पुरूष दूर-दूर से पानी भरकर ला रहे हैं।
- कौशल्या
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कॉलोनी में पंद्रह से बीस दिन से पानी नहीं आ रहा है। दिन-रात लोग पीने के पानी का इंतजाम कर रहे हैं। कोई श्मशान घाट पर लगे हैंडपंप से पानी ला रहा है तो कोई खिरकापुरा से पानी जुटा रहा है।
- सुखवती
पीने के पानी का इंतजाम करने में इतने परेशान हो गए हैं कि समझ में नहीं आता है कि काम पर जाएं या घर के लिए पानी भरते रहें। पानी की समस्या से लोगों के काम चौपट हो गए हैं।
- प्रीतम सिंह
कॉलोनी के भूतल पर रहने वाले लोग पानी भर लेते हैं, लेकिन ऊपरी मंजिल में रहने वाले लोगों की सांस पानी ढोकर ऊपर ले जाने में उखड़ जाती है। जो एक हैंडपंप काम कर रहा है, उसमें भी खारा पानी आने लगा है।
- परशुराम
कॉलोनियों की टंकियों की मरम्मत के लिए पैसा नहीं मिल रहा है। टंकी हैंडओवर भी नहीं हुई हैं। इस कारण टंकी से जलापूर्ति बाधित है।
- प्रवीण कुट्टी, परियोजना प्रबंधक
जल निगम निर्माण इकाई