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25 प्रतिशत आबादी जलसंस्थान पर निर्भर

Tue, 23 May 2017 01:52 AM IST
lalitpur
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प्रशासन - फोटो : amar ujala
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ललितपुर। भीषण गर्मी के कारण पानी का स्तर काफी कम होता जा रहा है। ऐसी स्थिति में हैंडपंपों ने जवाब देना शुरू कर दिया है। शहर में पानी की किल्लत का इस बात से अंदाजा लगाया जा सकता है कि नगर की करीब 25-30 प्रतिशत आबादी जल संस्थान के टैंकरों पर निर्भर हो चुकी है। शहर के करीब पंद्रह मोहल्ले ऐसे हैं, जहां पर प्रतिदिन संस्थान के टैंकरों से जलापूर्ति की जा रही हैं।      
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शहर का सीमांतर क्षेत्र पथरीला व कुछ ऊंचाई वाला है। भीषण गर्मी में जब भू-जल स्तर गिरता है तो सबसे ज्यादा पेयजल की समस्या इन्हीं मोहल्लों व इलाकों में आती है। इन इलाकों में 100 फुट से अधिक गहराई वाले निजी बोर तक के हैंडपंपों ने पानी देना बंद कर दिया हैं। तो ऐसे में मात्र 70 फुट तक की गहराई पर लगे सरकारी हैंडपंपों की स्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। वर्तमान में पानी की किल्लत बढ़ने पर जल संस्थान द्वारा नगर के लगभग 15 से अधिक क्षेत्रों में टैंकरों से जलापूर्ति की जा रही है। नेहरू नगर क्षेत्र के कई इलाके, लेड़ियापुरा, चांदमारी, सिविल लाइन, रैयदासपुरा, विष्णुपुरा, नारायणपुरा, वसुंधरा कालोनी, देवगढ़ रोड, सिवनी मुहल्ला, बच्चा जेल, गोविंद नगर, टोरिया आजादपुरा, लेड़ियापुरा, राजपूत कालोनी, मवेेशीबाजार, रावतयाना आदि मोहल्लों में प्रतिदिन सुबह-शाम टैंकरों से जलापूर्ति की जा रही है। इन इलाकों के करीब दस मोहल्लोें में जल संस्थान की पाइप लाइन बिछी होने के बाद भी उसका लाभ लोगों को नहीं मिल पा रहा है।


मात्र तीन ट्रैक्टरों के सहारे जल संस्थान      
जलापूर्ति के लिए जल संस्थान के पास कुल 57 टैंकर हैं, जिसमें 17 जल संस्थान के हैं व 40 जल निगम के टैंकर है। इसके अलावा कुछ समाजसेवियों ने भी जलापूर्ति के लिए जल संस्थान को निजी टैंकर उपलब्ध कराए हैं। गौरतलब है कि जल संस्थान के पास टैंकर तो पर्याप्त हैं, लेकिन इन टैंकरों को ढोने के लिए विभाग के पास मात्र तीन ही ट्रैक्टर हैं। ट्रैक्टरों की कमी के चलते समय पर शहर में टैंकर नहीं पहुंच पा रहे हैं। इसके अलावा जब कोई ट्रैक्टर शहर सीमा के बाहर कहीं ग्रामीण क्षेत्र में जलापूर्ति के लिए पहुंच जाता है तो शहर में जलापूर्ति पूरी तरह से प्रभावित हो जाती है।      
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नियमित रूप से हो रही जलापूर्ति      
विभाग द्वारा नियमित रूप से पूरे दिन शहर के विभिन्न इलाकों में टैंकरों से जलापूर्ति की जा रही है। एक दर्जन से अधिक मुहल्ले ऐसे हैं जहां पर हर रोज टैंकर भेजे जा रहे हैं, इसके अलावा लोगों की मांग पर भी टैंकर पहुंचाए जा रहे हैं। यहां विभाग के पास ट्रैक्टरों की कमी है, जिससे काम में बाधा आती है।      
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- वीरेंद्र कुमार श्रीवास्तव      
प्रभारी, अधिशासी अभियंता, जल संस्थान।
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