ललितपुर। जिले के 16 ग्रामों में पेयजल का संकट गहरा रहा है। इन ग्रामों में पेयजल परियोजनाएं या तो बंद हैं या फिर आंशिक रूप से पानी दे रही हैं। इससे लोगों को पेयजल के लिए परेशान होना पड़ रहा है।
ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों की प्यास बुझाने के लिए ग्राम स्तर पर 33 परियोजनाएं संचालित हैं। इनमें आठ परियोजनाएं किसी न किसी कमी के चलते पानी नहीं दे पा रही हैं। अन्य आठ परियोजनाएं आंशिक रूप से पानी की आपूर्ति कर पा रही है। इससे चिह्नित ग्रामों में पेयजल की समस्या उत्पन्न हो गई है। बम्होरीखड़ैत पेयजल योजना के बोर में पानी सूख गया है। खितवांस पेयजल योजना की पाइप लाइन चोक है व टंकी भी क्षतिग्रस्त है। पटउवा पेयजल योजना के बोर में मोटर गिर गई है, जिससे बोर बर्स्ट हो गया है। पड़ोरिया परियोजना में पाइप लाइन क्षतिग्रस्त है। पड़ना पेयजल योजना का बोर ध्वस्त है। कोरवास पेयजल योजना का बोर धस गया है। रीछपुरा मैनवार पेयजल योजना का भी बोर धस गया है। अंडेला टीला पेयजल योजना में पाइप लाइन क्षतिग्रस्त है और बोर फिसल गया है। पाइप पेयजल योजना सौजना में दो बोर हैं, जिसमें से एक बोर में मोटर फंसी है। इसे कई बार निकालने की कोशिश की गई, लेकिन निकल नहीं पाई है। जिस कारण एक बोर से जलापूर्ति की जा रही है। पाइप पेयजल योजना सिलावन की टंकी क्षतिग्रस्त है, जिस वजह से बोर से सीधे आपूर्ति की जा रही है। इसके अलावा गुरयाना, चांदौरा, ककरुवा, बरौदिया राईन, बछलापुर, जामुनधानाकलां में भी पेयजल संकट बना हुआ है।
परियोजना की स्थिति एक नजर में
ग्रामीण क्षेत्रों में तैतीस पेयजल परियोजनाएं संचालित हैं, इनमें 17 चालू, 8 आंशिक व 8 बंद परियोजनाएं बंद हैं।
हाल ही में पदभार ग्रहण किया है, पेयजल परियोजनाओं के संचालन के संबंध में ज्यादा जानकारी नहीं है। जानकारी के बाद भी कुछ कह पाएंगे।
नवीन मिश्रा, डीपीआरओ