ललितपुर। शहर के किनारे बसी बस्तियों में पेयजल का भीषण संकट बना हुआ है। पूरे गर्मी के मौसम में यहां के लोग पानी की समस्या से अभी तक उबर नहीं पाए हैं। मंगलवार को वार्ड नंबर एक सिद्दनपुरा और वार्ड नंबर तीन नेहरू नगर में पेयजल की कम आपूर्ति हुई है। यहां लगाया गया ट्यूबवेल खराब पड़ा है। हैंडपंपों ने भी धोखा दे दिया है।
वार्ड नंबर एक मोहल्ला सिद्दनपुरा में करीब दो माह से पेयजल की आपूर्ति की समस्या है, जिससे मोहल्ले में पानी की त्राहि-त्राहि मची हुई है। मोहल्लेवासी रोज पानी भरने के लिए हैंडपंपों पर सुबह से लेकर रात्रि तक अपना डिब्बा लेकर दर- दर भटकते रहते हैं। अधिकतर लोग हैंडपंप से पानी भरकर अपना गुजारा कर रहे हैं। सिद्धनपुरावासियों ने बताया कि मोहल्ले में पानी का एक भी टैंकर नहीं आता है। गोविंद सागर बांध से टंकी में पानी आता है। इस टंकी से मोहल्ले में पानी की कम सप्लाई की जाती है, जिससे एक या दो बाल्टी पानी नसीब हो पाता है।
इस कारण पिछले दो माह से लोग बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं। विभाग ने सिद्दन मंदिर के पास एक ट्यूबवेल लगाया है, इससे भी मोहल्ले में पानी की सप्लाई नहीं हो रही है। ऐसे में मोहल्लेवासियों के लिए हैंडपंप ही एकमात्र सहारा रह गए हैं। वर्तमान में बड़ी संख्या में हैंडपंप भी खराब पड़े हैं। इनमें कई तो महीनों से खराब पड़े हैं। कुछ हैंडपंप जुगाड़ से चलाए जा रहे हैं। किसी में स्थानीय लोगों ने पाइपों में रबर बांध रखी है तो किसी ने जंजीर के स्थान पर तार या रस्सी बांध दी है। इस संबंध में मोहल्लेवासियों ने जल संस्थान के अधिशासी अभियंता को प्रार्थना पत्र देकर अवगत कराया था। इसके बाद भी मोहल्ले में पेयजलापूर्ति सुचारू नहीं हो पा रही है। उधर, मोहल्ला नेहरू नगर में कम आपूर्ति की समस्या दूर नहीं हो पा रही है। डोंडाघाट पर पिछले कई दिनों से चल रहा काम पूरा नहीं हो पाया है। गत दिवस जल निगम के लोगों ने नेहरू नगर टंकी पर टेस्टिंग की। नतीजा यह हुआ कि मोहल्ले में न के बराबर जलापूर्ति हुई। इससे लोगों को हैंडपंप से पानी भरना पड़ा।
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सिद्दनपुरा में सुबह से लेकर रात्रि तक महिलाएं, पुरुष व बच्चे पानी भरते हैं। देर शाम तक हैंडपंप पर लोगों की भीड़ लगी रहती है। यही नहीं, तपती धूप में भी महिला व पुरुष पानी के लिए पसीना बहा रहे हैं।
- शम्मी खां
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सिद्दनपुरा वार्ड नंबर एक में कम से कम 50 हैंडपंप ऐसे होंगे, जिनमें कोई न कोई कमी होगी। कुछ हैंडपंप पानी कम दे रहे हैं तो कुछ हैंडपंप पूरी तरह खराब हैं। कुछ ऐसे भी हैं जो कभी भी खराब हो सकते हैं। इस तरह लोगों को पानी जुटाने के लिए जूझना पड़ रहा है।
- फूलकुंवर
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जल संस्थान के कर्मचारियों को इतनी फुर्सत नहीं है कि वे मोहल्लों की पेयजल समस्या को देख सकें। सिद्दनपुरा में करीब दो महीने से पेयजल की समस्या है, लेकिन कोई जल संस्थान के अधिकारी यहां की हकीकत देखने के लिए नहीं आया है।
- कुसुम
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इस समय मोहल्ले में हैंडपंपों के खराब होने से पानी की बहुत किल्लत हो गई है। पानी नहीं मिलने से लोग जल संस्थान के अधिकारियों को कोस रहे हैं। इसमें संस्थान के अधिकारियों की लापरवाही सामने आ रही है, जिस वजह से सिद्दनपुरा वासियों को पानी नहीं मिल पा रहा है।
- हरकुंवर
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गोविंद सागर बांध से जो पाइप लाइन मोहल्ले में आपूर्ति के लिए आई है, उस पाइप लाइन से पहले मोहल्ले में करीब एक घंटा तक पानी की सप्लाई होती थी, लेकिन दो माह से पानी नसीब नहीं हो रहा है। जिलाधिकारी को इस ओर ध्यान देने की आवश्यकता है।
- द्रोपती
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जल संस्थान के अधिकारी गर्मी के सीजन में ही सारे काम करते हैं। मोहल्ले के ट्यूबवेल से टैंकर भरे जा रहे हैं, जो अन्य मोहल्लों में पहुंचाए जा रहे हैं और मोहल्ले के लोगों को पानी नहीं मिल रहा है। सुबह से मोहल्लेवासी पानी के लिये दर-दर की ठोकरें खाने के लिए विवश हैं।
- मनीष
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मोहल्ला सिद्दनपुरा में जलापूर्ति कम होने का मामला संज्ञान में आया है। इसकी वास्तविक स्थिति का पता लगाया जाएगा। वहीं, नेहरू नगर की टंकी पर जल निगम ने टेस्टिंग की थी, इस कारण आपूर्ति कम हो पाई।
- संजीव कुमार, अधिशासी अभियंता
जल संस्थान
साइकिल पर कुप्पा बांधकर पानी ढोता युवक- फोटो : LALITPUR