ललितपुर। डीएम की चौपालों में गैर मौजूद रहना जल निगम अफसर को महंगा पड़ गया है। जिलाधिकारी के आदेश पर जल निगम निर्माण इकाई के परियोजना प्रबंधक को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई है। वहीं, अन्य उदासीन अफसरों को कार्यप्रणाली में सुधार लाने की चेतावनी दी गई है।
रविवार को विकास भवन स्थित कार्यालय में जिला विकास अधिकारी देवेंद्र प्रताप ने प्रदेश के मुख्य सचिव आलोक रंजन के दौरे को दृष्टिगत रखकर विभिन्न विभागों के अफसरों के साथ बैठक की।
इस दौरान उन्होंने कहा कि लोहिया ग्रामों में जिलाधिकारी की चौपालों का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें कुछ अधिकारियों की गैर मौजूदगी देखी जा रही है। जिलाधिकारी ऐसे अफसरों से नाराज हैं।
उन्होंने कार्यप्रणाली में सुधार लाने की चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि लापवाही में सुधार नहीं आता है तो उदासीन अफसरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जल निगम निर्माण इकाई के परियोजना प्रबंधक चौपालों में नहीं पहुंच रहे हैं। इस पर डीएम ने प्रोजेक्ट मैनेजर को प्रतिकूल प्रविष्टि निर्गत करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि लोहिया ग्रामों में जो कार्यक्रम संचालित हैं, उन्हें मौके पर जाकर देख लें। यदि कोई कमी रह गई हो तो उसे पूरा कर लें।
बैठक में उप कृषि निदेशक हंसराज, जिला विद्यालय निरीक्षक श्याम प्रकाश यादव सहित आरईएस के अधिशासी अभियंता, जिला कार्यक्रम अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला प्रोवेशन अधिकारी उपस्थित रहे।