जल निगम का आफिस झांसी शिफ्ट
ललितपुर। आखिरकार जल निगम निर्माण खंड ललितपुर (विद्युत/ यांत्रिक) को झांसी शिफ्ट कर दिया गया है। इस कार्यालय के लंबे समय से झांसी जाने की चर्चाएं थीं, जो सच साबित हुई। जलनिगम के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार वाजपेई ने पत्र भेजकर कहा कि अधिकारियों/कर्मचारियों को संबंधित क्षेत्रीय मुख्य अभियंता द्वारा स्थानीय रूप से, क्षेत्रांतर्गत कार्यालयों में स्वीकृत पदों के अनुसार समायोजित किया जाएगा।
एक समय जल निगम हैंडपंपों की स्थापना और चरही निर्माण जैसे कार्यों को करता था। गर्मियों में ठेकेदारों को हैंडपंप स्थापना के लिए मशीन किराए पर नहीं मिलती थी, लेकिन शासन ने धीरे-धीरे इसके कामों में कटौती कर दी। अब हैंडपंप स्थापना का काम ग्राम पंचायतों के पास है। कुछ महीनों से तो विभाग के अधिकारियों के पास कोई काम नहीं रह गया था। इससे जलनिगम के कार्यालय के झांसी जाने की अटकलबाजी तेज हो गई थीं।
जल निगम के प्रबंध निदेशक अनिल कुमार वाजपेई ने भेजे पत्र में कहा है कि स्थगित रखे गए खंड/इकाई कार्यालयों में उपलब्ध टीएंडपी, वाहन, टेलीफोन कनेक्शन, साज सज्जा आदि का स्थानांतरण व्यवहारिक रूप से स्थानीय कार्यालयों या मंडल कार्यालयों में स्थानांतरित किए जाएंगे। झांसी खंड प्रथम उत्तर प्रदेश जल निगम झांसी द्वारा जनपद झांसी, ललितपुर एवं उरई के सभी विद्युत/यांत्रिक कार्यो का संपादन प्रत्येक जनपद में एक-एक सहायक अभियंता रखते हुए करेगा।
अधिकारी और कर्मचारी ऊहापोह में
ललितपुर कार्यालय के झांसी शिफ्ट होते ही अधिकारी और कर्मचारियों में ऊहापोह की स्थिति बन गई है। अब सभी शासन से नए होने वाले आदेशों के लिए टकटकी लगाए बैठे हैं। कइयों को अन्य जगह स्थानांतरित होने की चिंता सताने लगी है।
कांशीराम कॉलोनी भगवान भरोसे
जलनिगम के इंजीनियर कांशीराम आवासीय कॉलोनी की पेयजल आपूर्ति देखते हैं। अब अधिकारी व कर्मचारियों का ध्यान विभाग के होने वाले निर्णयों पर है। इस कारण कॉलोनी की जलापूर्ति भगवान भरोसे चल रही है। इसका खामियाजा कॉलोनीवासियों को परेशान होकर भुगतना पड़ रहा है।