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वार्ड एक सिद्दनपुरा : सड़क न पानी ,मुश्किल में जिंदगानी

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93 में से 14 गलियों में ही बन सकी है सड़क, पानी की आपूर्ति की भी है दिक्कत
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शहर की सरकार ने अपने पांच साल के कार्यकाल का आधा सफर पूरा कर लिया है। जनता से किए गए वादों को धरातल पर उतारने की दिशा में अब तक कई योजनाएं लागू की गई हैं। नगर पालिका प्रशासन के साथ मिलकर कई वार्डों में सड़कों के चौड़ीकरण से लेकर नालों की सफाई, पेयजल आपूर्ति, पार्कों के सुंदरीकरण और स्ट्रीट लाइट व्यवस्था में सुधार जैसे कार्यों को प्राथमिकता दी गई फिर भी कई वार्ड अब भी विकास की बाट जोह रहे हैं। जनसमस्याओं को करीब से जानने और विकास कार्यों की जमीनी हकीकत परखने के उद्देश्य से बीते ढाई साल, वार्ड का हाल सीरीज के तहत आज से वार्ड की परिक्रमा शुरू की जा रही है। इसके तहत सभी 26 वार्डों की वस्तुस्थिति आपके सामने रखी जाएगी।...संवाद

ललितपुर। शहर का वार्ड नंबर एक (मोहल्ला सिद्दनपुरा) में अभी भी बुनियादी सुविधाओं का अभाव बना हुआ है। इस वार्ड की 93 गलियों में सड़क डलवाने का वादा किया गया था। पिछले ढाई साल में मात्र 14 गलियों में ही पक्की सड़क का निर्माण कराया गया है। तीन गलियों के टेंडर जारी हो गए हैं। शेष गलियों की सड़कें कच्ची हैं।
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मोहल्ला सिद्दनपुरा में कच्चे रास्तों और नाली की समस्या प्रमुख है। हल्की बारिश में ही रास्ता दलदल में तब्दील हो जाता है। बीते सप्ताह हुई बारिश से अब तक गलियाें में कीचड़ मचा हुआ है। यही नहीं नालियों के अभाव में घरों से निकल रहा दूषित पानी रास्ते में जमा हो रहा है। इससे आवागमन परेशानी होती है। साथ ही संक्रामक बीमारियों के फैलने का खतरा बना हुआ है। रैकवार मोहल्ला, बालाजी स्कूल, राजकीय बाल संप्रेक्षण गृह के पास आधा दर्जन गलियों का हाल भी बुरा है। इससे बच्चों को स्कूल आने जाने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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पेयजल संकट से जूझ रही एक हजार की आबादी
वार्ड में कुछ गलियों में पाइपलाइन नहीं बिछाई गई है तो कुछ में कनेक्शन के बाद भी आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है। यह हाल टावर वाली गली, संजय की दुकान वाली गली, बंटी रैकवार वाली गली, बालाजी स्कूली का क्षेत्र, जगदीश की दुकान के आसपास के क्षेत्र में है।
स्ट्रीट लाइट की भी नहीं है सुविधा
सिद्दनपुरा में अधिकांश गलियां कच्ची हैं। इनमें कई गलियों में खंभा तो लगे हैं, लेकिन स्ट्रीट लाइटें नहीं लग पाईं हैं। इससे स्थानीय लोगों को रात के समय आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
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100 खंभों की है जरूरत
वार्ड में कुछ स्थानों पर प्रकाश की सुविधा नहीं थी। ऐसे में ढाई वर्ष के कार्यकाल में 150 खंभे लग पाए हैं। इससे अधिक क्षेत्र में बिजली का संकट दूर हुआ है। वर्तमान में 100 खंभों की जरूरत है। इससे वार्ड में समुचित क्षेत्र में बिजली की सुविधा होगी। साथ ही खंभों पर स्ट्रीट लाइट लगने से प्रकाश की सुविधा होगी।
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फोटो- 04
कैप्सन- रूपेश तिवारी
आठ साल से यहां रह रहा हूं। अब तक सड़कों की हालत नहीं सुधरी है। हल्की बारिश में घरों से निकलना मुश्किल हो जाता है।
- रूपेश तिवारी
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फोटो- 05
कैप्सन- ब्रजेंद्र
गली में पाइपलाइन तो बिछा दी है लेकिन पानी आपूर्ति नहीं शुरू हो सकी है। इससे पानी की किल्लत बनी हुई है।
- ब्रजेंद्र
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फोटो- 06
कैप्सन- रवि रैकवार, एडवोकेट
वार्ड में गलियों में सड़क व नाली के अभाव में दूषित पानी जमाव बना हुआ है। सड़क व नालियों का निर्माण कराया जाए।
- रवि रैकवार, एडवोकेट
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फोटो- 07
कैप्सन- सोनसिंह, सभासद
-वार्ड के विकास को लेकर जो वादे किए गए थे उनको पूरा करने की कोशिश की जा रही है। 14 गलियों में सड़क का निर्माण पूरा हो चुका है। तीन के टेंडर की प्रक्रिया चल रही है। अन्य के लिए प्रयास जारी है। बिजली के 150 खंभे लग गए है। 100 खंभों की मांग की गई है।
- सोनसिंह, सभासद
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