ललितपुर। यूनाइटेड टीचर्स एसोसिएशन की बैठक में प्रस्तावित मतगणना कार्य को फिलहाल स्थगित करने की मांग की गई है। वक्ताओं ने कहा कि जिले में महामारी से अब तक बारह से ज्यादा शिक्षक, शिक्षा मित्र व अनुदेशकों की मौत हो चुकी है।
जिलाध्यक्ष अनिल राठौर ने संगठन के सदस्यों को अवगत कराया है कि प्रदेश अध्यक्ष राजेंद्र सिंह राठौर ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया है कि कोरोना महामारी के कारण प्रदेश भर में करीब 300 शिक्षकों की असमय मृत्यु हो चुकी है। इस विकराल स्थिति को दृष्टिगत रखते हुए 2 मई को प्रस्तावित मतगणना कार्य को फिलहाल स्थगित करने एवं मृतक शिक्षकों के आश्रितों को 50-50 लाख की आर्थिक सहायता व उनके परिजनों को अनुकं पा के आधार पर कनिष्ठ लिपिक पद पर नियुक्ति प्रदान करने की मांग की गई है। पंचायत चुनाव की ड्यूटी, प्रशिक्षण व कार्मिक पार्टी रवानगी स्थल सहित मतदान प्रक्रिया में कोरोना प्रोटोकॉल का कतई पालन नहीं किया गया, इसके परिणाम स्वरूप प्रदेश में अब तक संक्रमित होकर करीब 300 शिक्षकों, शिक्षामित्र, अनुदेशक, कार्मिकों की असमय मृत्यु हो चुकी है। वहीं, इनके माध्यम से संक्रमित होकर कार्मिकों के करीब 400 परिजन भी स्वर्गवासी हो चुके हैं। इसके अतिरिक्त करीब 2000 शिक्षक/शिक्षामित्र/ अनुदेशक चुनाव ड्यूटी के बाद से लगातार बीमार चल रहे हैं, जिनका आज भी हॉस्पिटल या घरों में इलाज चल रहा है। विपरीत स्थितियों में जैसे-जैसे पंचायत चुनाव के चरण संपन्न होते जा रहे हैं, वैसे-वैसे संक्रमितों की संख्या प्रतिदिन बढ़ रही है, जिससे समूचे शिक्षक समुदाय में भय पीड़ा व रोष व्याप्त है। ऐसे में कोई भी कार्मिक पुन: इस प्रकार की ड्यूटी तथा मतगणना में जाने को सहज ही तैयार नहीं है। उन्होंने आगामी 2 मई को प्रस्तावित मतगणना कार्य को फिलहाल स्थगित करने, पंचायत चुनाव में प्रशिक्षण या मतदान ड्यूटी के बाद से बीमार होकर दुनिया से चल बसे शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक, कार्मिक साथियों के आश्रित परिजनों को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक शासकीय सहायता देने, पाल्यों में से किसी एक को योग्यतानुसार अतिरिक्त पद के सापेक्ष विभाग में कनिष्ठ लिपिक के पद पर अनुकंपा के तहत नियुक्ति प्रदान करने की मांग की है। बैठक में कई पदाधिकारी मौजूद रहे।