धमकना, तेरई और बौलारी के बाद अब ग्राम चक लालौन में विशेष बुखार का प्रकोप अधिक हो गया। जानकारी मिलने पर स्वास्थ्य विभाग ने डॉ. अनिल कुमार गुप्ता की अगुवाई में एक टीम को रविवार को गांव भेजा। टीम ने गांव में जाकर लगभग 84 मरीजों का उपचार किया और उन्हें दवाएं दी।
ग्रामीण क्षेत्र में निवास करने वाले जनता इस समय गंदगी से पैदा होने वाली संक्रामक बीमारियों की चपेट में है। स्वास्थ्य विभाग एक गांव की जनता को इस बीमारी से पूरी तरह से मुक्त नहीं करा पाता है कि दूसरे गांव में बीमारी फैलने की सूचना मिलने लगती है। रविवार को सुबह ग्राम चक लालौन में कई मरीजों के बीमारी होने की खबर के बाद चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नरेंद्र कुमार ने डॉ. अनिल गुप्ता, कोमल यादव और सुबोध त्रिपाठी की टीम को गांव में भेजा। टीम ने वहा जाकर लगभग 77 मरीजों को उपचार किया और उन्हें दवाएं दी। इसके बाद कुछ लोगों ने खून के नमूने लिए। टीम के सदस्यों ने ग्रामीणों से साफ सफाई एवं दूषित पानी के उपयोग से बचने की अपील की।