खैराई गांव में हैंडपंप के पास भरा गंदा पानी।
- फोटो : LALITPUR
अर्जुन खिरिया/ ललितपुर। मड़ावरा विकास खंड के खैराई गांव की आबादी दो ग्राम पंचायतों में पड़ने के कारण यहां का विकास नहीं हो पा रहा है। ग्रामीणों को सरकारी सुविधाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
खैराई गांव पहले महरौनी तहसील का वीरान राजस्व ग्राम था। 40 वर्ष पूर्व वहां झरावटा एवं अन्य जगहों के लोग जिनकी वहां जमीन थी, आकर बस गए और गांव आबाद हो गया। इस गांव के कुछ घर झरावटा पंचायत में और कुछ बड़गाना ग्राम पंचायत में होने के कारण यहां कोई भी विकास कार्य नहीं हो सका है। ग्रामीणों ने बताया कि यहां प्राथमिक विद्यालय न होने से छोटे- छोटे बच्चों को डेढ़ किमी दूर पैदल पढ़ने जाना पड़ता है। गांव में कोई आंगनबाड़ी केंद्र न होने से बच्चों व गर्भवती महिलाओं को कोई पोषाहार नहीं मिल पा रहा है। यहां स्वास्थ्य विभाग की तरफ से आशा भी नियुक्त नहीं हैं। गांव में तीन- चार घरों में ही शौचालय बने हैं, कुछ अधूरे पड़े हैं। एक दो आवास भी बने जो पूरे नहीं हो सके हैं। सफाई कर्मी न होने से जगह- जगह गंदगी फैली हुई है। बताया जाता है कि ग्राम प्रधान के चुनाव में दोनों पंचायतों से उम्मीदवार वोट मांगने आते हैं और गांव के विकास की बात करते हैं लेकिन, हकीकत के धरातल पर विकास कार्य आज तक दिखाई नहीं दिए।
-----
गांव दो पंचायतों के बीच होने से कोई विकास नहीं हो पा रहा है। नाली, खड़ंजा और रास्तों की हालत बहुत ही खराब है। कोई सुनने वाला नहीं है।
- संतोष अहिरवार
-----
गड्ढे तो खुदवा दिए गए थे, लेकिन शौचालय अब तक नहीं बना। कई बार प्रधान से कहने के बाद भी काम पूरा नहीं करवाया गया।
- जयंती वंशकार
------
खैराई गांव के कुछ मकान झरावटा और कुछ बड़गाना ग्राम पंचायत में आते हैं। जो शौचालय अधूरे हैं उनकी दूसरी क़िस्त नहीं आई है। हमने डिमांड भेज दी है। क़िस्त आते ही काम करवा दिया जाएगा।
- नीरज कुमार निरंजन, ग्राम विकास अधिकारी
खैराई गांव के रास्ते की हालत।- फोटो : LALITPUR