संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। वीबीजीआरजी (पूर्व में मनरेगा) के तहत कार्य करने वाले जॉब कार्डधारक श्रमिकों को अब 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी मिलेगी। वहीं कार्यस्थलों पर तैनात महिला मेटों की दैनिक मजदूरी 315 रुपये से बढ़ाकर 535 रुपये किए जाने की प्रक्रिया भी श्रम एवं रोजगार विभाग ने शुरू कर दी है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार यह व्यवस्था जल्द लागू हो सकती है।
जनपद में 415 ग्राम पंचायतें हैं, जहां ग्रामीण क्षेत्रों में विभिन्न विकास कार्यों के लिए वीबीजीआरजी योजना संचालित की जा रही है। जिले में योजना के तहत 1.96 लाख जॉब कार्ड पंजीकृत हैं, जिनमें करीब 1.19 लाख सक्रिय हैं। श्रमिकों की मांग के आधार पर उन्हें कार्य उपलब्ध कराया जाता है। अब तक उन्हें 252 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी दी जाती थी, जिसे बढ़ाकर 300 रुपये कर दिया गया है।
कार्यस्थलों पर श्रमिकों से काम कराने और निगरानी की जिम्मेदारी महिला मेटों के पास होती है। जिले में 851 महिला मेट पंजीकृत हैं, जो विभिन्न ग्राम पंचायतों में कार्यरत हैं। महिला मेट मस्टर रोल तैयार कराने, एमआईएस फीडिंग कराने और निर्धारित मानकों के अनुरूप श्रमिकों से कार्य कराने की जिम्मेदारी निभाती हैं। वर्तमान में उन्हें 315 रुपये प्रतिदिन का पारिश्रमिक मिलता है।
विभाग अब महिला मेटों की मजदूरी बढ़ाकर 535 रुपये प्रतिदिन करने की तैयारी में है। अधिकारियों के मुताबिक महिला मेटों का पारिश्रमिक लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के शेड्यूल ऑफ रेट्स के आधार पर निर्धारित किया जाता है। वर्तमान शेड्यूल में मेटों की दैनिक मजदूरी 535 रुपये निर्धारित है। इसी के अनुरूप महिला मेटों के पारिश्रमिक में वृद्धि की प्रक्रिया जनपद स्तर पर चल रही है।
श्रम उपायुक्त रोजगार रमेश कुमार यादव ने बताया कि वीबीजीआरजी के तहत जॉब कार्डधारक श्रमिकों को अब 300 रुपये प्रतिदिन की मजदूरी मिलेगी। महिला मेटों की मजदूरी बढ़ाने संबंधी औपचारिकताएं भी पूरी की जा रही हैं। प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन्हें भी बढ़ा हुआ पारिश्रमिक दिया जाएगा।
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ब्लॉकवार 851 महिला मेट हैं पंजीकृत
जिले में वीबीजीआरजी के तहत सबसे अधिक 159-159 महिला मेट बिरधा और महरौनी ब्लॉक में पंजीकृत हैं। इसके अलावा बार ब्लॉक में 138, जखौरा में 143, मड़ावरा में 138 तथा तालबेहट में 114 महिला मेट कार्यरत हैं। योजना के तहत 20 से 25 श्रमिकों पर एक महिला मेट की तैनाती की जाती है। महिला मेट ग्राम पंचायत से श्रमिकों की सूची और कार्य की मांग प्राप्त कर मस्टर रोल तैयार कराती हैं तथा श्रमिकों को काम उपलब्ध कराने की प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका