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उटारी बांध परियोजना हुई पूरी, सिंचाई विभाग को सौंपने की प्रक्रिया शुरू

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ललितपुर। जनपद में करोड़ों रुपये की लागत से बनकर तैयार हो चुके उटारी बांध को अब सिंचाई विभाग को सौपने की कागजी तैयारी शुरू हो चुकी है। इस बांध की देखरेख व रखरखाव का काम राजघाट निर्माण खंड करेगा।
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तहसील महरौनी अंतर्गत ग्राम सूरीकलां क्षेत्र में करोड़ों रुपये की लागत से बने उटारी बांध परियोजना का शिलान्यास वर्ष 2008 को जनपद में चार अन्य बांध परियोजनाओं के साथ किया गया था। इसके बाद बांध को बनाने का काम कार्यदायी संस्था ने शुरू कर दिया था। बांध को पूरा करने के लिए एक निर्धारित लक्ष्य रखा गया था। लेकिन निर्धारित समय में यह परियोजना पूर्ण नहीं हो पाई थी और यह परियोजना इस वर्ष पूरी हो पाई। अब इस बांध को सिंचाई विभाग को सौंपने की कागजी तैयारी शुरू हो चुकी है। इस बांध की देखरेख व रखरखाव का काम राजघाट निर्माण खंड करेगा। उटारी बांध की कुल भंडारण क्षमता 15.09 एमसीएम व उपयोगी क्षमता 10.86 एमसीएम है। बांध को बनाने के लिए करीब 690.52 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण किया गया। पूर्व में इस परियोजना की लागत कम थी। लेकिन तय समय में परियोजना तैयार न होने के कारण इस का बजट और बढ गया था। जिसके चलते इस परियोजना की लागत भी बढ़ गई थी। इस बांध परियोजना को पूरा होने में चौदह वर्ष का समय लगा। अब यह बांध परियोजना बनकर लगभग पूरी हो चुकी है और अब इस बांध को सिचाई विभाग को सौंपने के लिए कागजी तैयारी शुरू कर दी गई है। बांध की देखरेख व रखरखाव का काम राजघाट निर्माण खंड करेगा। उटारी बांध का जलस्तर 326.80 मीटर है। बांध का मृत जलस्तर 322.80 मीटर है। इस बांध से कुल 22 हेक्टेयर भूमि को सिंचित किया जाएगा। जिसमें 1800 हेक्टेयर रबी की फसल व 600 हेक्टेयर भूमि खरीफ की फसल की सिंचाई की जाएगी। इसके लिए 20.500 किलोमीटर की नहरें व माइनर बनाई गई हैं। इस बांध परियोजना के पूरा होने और बांध को पूर्ण भरे जाने पर ग्राम सूरीकलां, बिल्ला, बड़ोखरा, मिर्चवारा क्षेत्र प्रभावित होगा। इसके लिए सिंचाई विभाग ने इन गांव के लोगों को पूर्व में ही चेतावनी नोटिस जारी कर दिया था।
इस वर्ष पूूर्ण क्षमता से भरा जाना है उटारी बांध
चौदह वर्ष में बनकर तैयार हुआ उटारी बांध को इस वर्ष सिंचाई विभाग ने पूर्ण क्षमता 326.80 मीटर तक भरने की योजना बनाई है। पूूर्ण क्षमता से बांध के भरे जाने पर भराव क्षेत्र का विस्तार होने पर सिंचाई विभाग ने कुछ दिनों पूर्व एक नोटिस जारी किया था और जलभराव से प्रभावित होने वाले करीब चार गांव के लोगों को भराव क्षेत्र में न जाने, फसल न बोने की बात कही थी।
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उटारी बांध परियोजना बनकर पूरी हो चुकी है। अब इसे राजघाट निर्माण खंड को सौंपने की कागजी कार्रवाई शुरू हो गई है। कागजी व अन्य कार्रवाई पूरी होते ही इसके रखरखाव की जिम्मेदारी उनके विभाग के द्वारा शुरू कर दी जाएगी।
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मनमोहन, अधिशासी अभियंता राजघाट निर्माण खंड
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