ललितपुर (ब्यूरो)। गुलिस्तान-ए-अदब के तत्वावधान में कौमी एकता मुशायरा आयोजित किया गया। इस दौरान शायरों ने एक से बढ़कर एक कलाम पेश किए, जिस पर उन्हें वाहवाही मिली। हजरत सदनशाह बाबा के मेमोरियल हाल में आयोजित मुशायरा की अध्यक्षता प्रो. भगवतनारायण शर्मा ने की।
मुख्य अतिथि जिला सेवायोजन अधिकारी चंद्रचूड दुबे रहे। इस मौके पर डा. इकबाल ने कहा कि उर्दू लश्करी भाषा है, जिसे हिंदी ने स्वीकार कर लिया है। भगवत नारायण शर्मा ने कह कि उर्दू ने हिंदी से मिलकर बोलचाल की भाषा को जन्म दिया। डा. जमील राठवी ने कहा कि उर्दू ने जंग ए आजादी में बढ़ चढ़कर भाग लिया। इसके बाद मुशायरे में असर ललितपुरी ने सुनाया कि बहन हिंदी की है उर्दू, भारत मां की बेटी..।
इसके अलावा शायर सरफराज मासूम, सिराज तनवीर हमीरपुर, असरार चंदेरवी, शकील कुरैशी, सत्तार नदमीं, वसीम असर, जीशान खान आदि ने कलाम पेश किए।
इस मौके पर सदर विधायक रमेश कुशवाहा, जिला युवा कल्याण अधिकारी बृजेंद्र कुमार, डा. पुनीत बिसारिया, असलम कुरैशी, हाजी बदरुद्दीन कुरैशी, अतीक खां, तौसीफ रजा आदि मौजूद रहे। संचालन असर ललितपुरी न किया।