बार/बानपुर (ललितपुर)। क्षेत्र में लगातार दो दिनों से हो रही बारिश ने किसानों की नींद उड़ा दी है। पहले बारिश में उड़द की फसल नष्ट हो गई थी। अब बची उड़द की फसल में अंकुर फूटने लगे हैं। इससे किसानों की उम्मीद टूट गई है।
ब्लॉक क्षेत्र के अधिकांश गांवो में दो दिनों से हो रही लगातार बारिश ने किसानों के लिए एक बार फिर से मुसीबत खड़ी कर दी है। किसानों का कहना है कि इससे पहले भी लगातार बारिश होने से फसल नष्ट हो गई थी। बची हुई फसल की कटाई की और मड़ाई की तैयारी के बीच अचानक बारिश होने खेतों में उड़द की फसल में अंकुर निकलने लगे हैं। किसानों को चिंता सताने लगी है। किसानों का कहना है कि आय का कोई दूसरा साधन नहीं है। कृषि पर निर्भर हैं और पिछले तीन-चार सालों से फसल नष्ट हो रही है। जिसकी वजह से वह लोग भुखमरी के कगार पर आ गए हैं।
किसानों ने बताया कि इस संबंध में संबंधित विभाग और बीमा कंपनी को ज्ञापन दे चुके हैं, लेकिन अभी तक हमारे यहां सर्वे नहीं कराया गया है। ग्रामीणों ने नष्ट हुई फसल का सर्वे कराकर उचित मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है। उन्होंने कहा कि बीमा कंपनी किसानों को तुरंत मुआवजा दे। जिससे रबी की फसल की समय पर बुवाई कर सकें। उधर, बानपुर क्षेत्र के किसानों का कहना है कि तीन दिन से लगातार बारिश होने से उड़द, मूंग और तिल की फसलें बर्बाद हो गई हैं। करीब 25 फीसदी कृषकों ने उड़द की कुछ फसल हार्वेस्टर से निकाली, लेकिन बाकी फसलें सड़ने लगी हैं। फलियों में दाने अंकुरित होना शुरू हो गए हैं। उन्होंने डीएम से फसलों के नुकसान का आकलन कर मुआवजा दिलाए जाने व बीमा कंपनी सर्वे कर मुआवजा दिलवाए जाने की मांग की है। इसके अलावा गांव वीर, सुनवाहा, चकोरा, डांगराना, पूराधनकुआं, गंगासागर में भी फसलें खराब हो गई हैं।
पंजाब से आए हार्वेस्टर दो दिनों से खड़े
पंजाब प्रांत से हार्वेस्टर लेकर आए गुरविंदर सिंह ने कहा कि बारिश होने के कारण दो दिन से मौसम खुलने के इंतजार में यहां रुके हैं। यदि मौसम खुलता है तो हार्वेस्टर से फसल की कटाई व मड़ाई का काम मिलेगा। अन्यथा यह वापस हो जाएंगे। मौसम बिगड़ने के कारण उनको भी काफी नुकसान हुआ है।
हमारे 20 एकड़ खेत में उड़द की फसल की कटाई चल रही थी लेकिन अचानक बारिश होने के कारण फसल बर्बाद हो गई है। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए। - रामराज यादव, ग्राम धमना बार
बेमौसम बारिश होने से इस वर्ष भी उड़द की फसल को काफी नुकसान हुआ है। क्योंकि इस समय खेतों में कटाई एवं मड़ाई का कार्य चल रहा था। बारिश ने उड़द की फसल को पूरी तरह बर्बाद कर दिया।-मधुसूदन मिश्रा, किसानबार
हमारे खेत में करीब 20 किलो उड़द की बुवाई की गई थी। जिसमें बारिश का पानी भर जाने से फलियां अंकुरित होकर फूल गई हैं। फसल बर्बाद हो गई। -उत्तम खंगार, किसान