संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। अतिवृष्टि से खरीफ की फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं। उड़द, मूंग, सोयाबीन और मूंगफली की फसलों को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचा है। कृषि विभाग के सर्वे के अनुसार पिपरिया जागीर क्षेत्र में सर्वाधिक 80 फीसदी व अन्य 325 गांवों में 50 से 80 फीसदी तक फसलों को नुकसान हुआ है। विभाग ने नुकसान के आकलन की रिपोर्ट शासन को भेज दी है।
कई दिनों से जारी बारिश से खेतों में पानी भर गया। खरीफ की फसलें जलमग्न हो गईं। उड़द और मूंग की फसलों में पहले ही फूल व फलियों के समय लगातार बारिश से नुकसान हो गया था। अब फसलें पककर तैयार हो गई थीं। कटाई का समय आ गया था। किसान कटाई की तैयारी कर रहे थे। लेकिन, लगातार बारिश से खेतों में पानी जमा हो गया। फसलें पूरी तरह से सड़ गईं। लागत तो दूर बीज तक निकलना मुश्किल दिख रहा है। उड़द, मूंग, सोयाबीन और मूंगफली की फसलें सर्वाधिक प्रभावित हुई हैं।
कृषि विभाग के अनुसार 415 ग्राम पंचायतों के मुकाबले 325 गांवों में 50-80 फीसदी तक नुकसान पाया गया है। शेष 90 ग्राम पंचायतों में 50 फीसदी से कम नुकसान हुआ है। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि शासन को रिपोर्ट भेजी गई है। बीमित किसानों को क्रॉप कटिंग के आधार पर क्लेम दिया जाएगा।
खरीफ फसल का क्षेत्रफल एकड़ में
फसल क्षेत्रफल
उड़द 215767
मूंग 5862
सोयाबीन 30784
मूंगफली 13046
तिल 10893
मक्का 31629
धान 1386
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किसानों ने सुनाई पीड़ा
फोटो- 20
कैप्सन- कमलेश अहिरवार
खेतों में उड़द की फसल बोई थी। बारिश से पूरी तरह नष्ट हो गई है। अब बीज निकालना मुश्किल हो गया है।-कमलेश अहिरवार
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फोटो- 21
कैप्सन- रविकांत पाठक
लगातार बारिश ने फसलों को पूरी तरह चौपट कर दिया है। 80 फीसदी से अधिक नुकसान हो गया है।-रविकांत पाठक
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टॉप 14 ग्राम पंचायतों में फसल नुकसान
गांव - फीसदी
पिपरिया जागीर - 80
अनौरा - 75
बिरधा - 75
करमरा - 75
सतरवांस - 75
कलौथरा - 75
कल्यानपुरा - 75
मैलारकलां - 75
रमेशरा - 75
बिरारी - 75
रजवारा - 75
कचनौंदा - 75
मैगुवां - 75
घटवार - 75
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बारिश से फसलों में काफी नुकसान हुआ है। सर्वे किया जा रहा है। प्राथमिक स्तर पर सर्वे में लगभग 325 गांव में अधिक नुकसान हुआ है। सभी बीमित किसानों को क्रॉप कटिंग के आधार पर क्लेम का भुगतान किया जाएगा।
- बसंत कुमार दुबे, उप कृषि निदेशक