संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। तेज आंधी चलने से बेतवा नदी में डूबने वाली महिला अधिवक्ता लाइफ जैकेट पहने होती तो उसकी जान बच सकती थी। यह बात मृतका के भाई ने कही। अधिवक्ता के परिजन रविवार को घटनास्थल पर पहुंचे और यहां जानकारी ली। पुलिस इस घटना की हर पहलू से जांच कर रही है। सीसीटीवी कैमरे की फुटेज को खंगाल रही है। महिला अधिवक्ता के साथ घटना के समय मौजूद युवक के बारे में दूसरे दिन भी पता नहीं चला कि वह कौन और कहां का था।
जनपद जालौन में उरई के नया पाठक पुरा निवासी कीर्ति तिवारी की शनिवार को थाना जाखलौन क्षेत्र अंतर्गत बंदरगुढ़ा पिकनिक स्पॉट पर बेतवा नदी में बोटिंग करते समय पानी में डूबने से मौत हो गई थी। कीर्ति तिवारी के पास से आधार कार्ड और बार काउंसिल का पहचान पत्र मिला था। अनुमान लगाया गया था कि कीर्ति तिवारी अधिवक्ता थी। पुलिस ने परिजनों से संपर्क किया और घटना की सूचना दी थी। रविवार को मृतका के परिजन ललितपुर पहुंचे।
यहां वे सबसे पहले बंदरगुढ़ा पहुंचे और घटनास्थल काे देखा। वह कर्मचारी, जिसने कीर्ति को बेतवा नदी से निकाला था, उससे घटना की जानकारी ली। मृतका के भाई हर्ष ने बताया कि उसने बोटिंग कराने वाले से जानकारी की तो बताया कि कीर्ति लाइफ जैकेट पहने थी, लेकिन पानी में डूबने से वह उतर गई थी। हर्ष ने कहा कि बोटिंग कराने वाले अपनी गलती छिपाने के लिए ऐसा कह रहे हैं, जबकि उन्होंने यहां पर असुरक्षित तरीके से बोटिंग कराना पाया। बेतवा नदी यहां पर काफी गहरी और विशाल है। बावजूद इसके बिना लाइफ जैकेट और सुरक्षा इंतजाम के बोटिंग कराई गई।
हर्ष ने बताया कि सुरक्षित बोटिंग ने उसकी बहन की जान ले ली। कीर्ति तिवारी बुंदेलखंड यूनिवर्सिटी में एलएलएम की अंतिम वर्ष की छात्रा थी और वह शनिवार को घरवालों से शिविर में जाने की बात कहकर आई थी। कीर्ति के साथ मौजूद युवक के बारे में परिजन कुछ भी बताने से इन्कार कर रहे हैं। मृतका दो बहन और एक भाई में दूसरे नंबर की थी। रविवार शाम को पोस्टमार्टम होने के बाद परिजन शव लेकर उरई चले गए।