चारागाह की बेशकीमती जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत के निस्तारण को तहसीलदार प्रीति जैन के नेतृत्व में ग्राम सभा बिजरौठा गई राजस्व टीम को को ग्रामीणों के विरोध का सामना करना पड़ा। जिसके बाद प्रशासनिक अमला अवैध कब्जा धारियों को स्वयं हटाने की बात कह कर मौके से वापस लौट आया।
उल्लेखनीय है कि ग्राम सभा बिजरौठा में ग्राम सभा की चारागाह की जमीन पर अवैध कब्जे के संबंध में शुक्रवार को अमर उजाला ने खबर प्रकाशित की थी। इस क्रम में गांव निवासी मोनू चौबे, नकुल रजक, रामसिंह, कृष्ण पाल सिंह आदि ग्रामीणों ने जिलाधिकारी मानवेंद्र सिंह को एक शिकायती पत्र देकर कुछ लोगों पर गांव की चारागाह की आराजी क्रमांक 2944,2945,2729 पर अवैध रूप से कब्जा करने की शिकायत करते हुए बताया था कि यह भूमि काफी कीमती है। शुक्रवार को तहसीलदार प्रीति जैन, राजस्व निरीक्षक बलराम उपाध्याय, उपनिरीक्षक हरचरन एवं स्थानीय लेखपाल के साथ अवैध निर्माण हटवाने मौके पर पहुंची। प्रशासनिक अमले को गांव में देखकर अवैध अतिक्रमणधारियों ने एक जुट होकर विरोध जताना प्रारंभ कर दिया। मौके पर गए अधिकारियों की फोन पर बात भी करवाई। इसके बाद पूरा प्रशासनिक अमला बिना कब्जा हटवाए वापस लौट आया। प्रशासन की इस कार्रवाई से ग्रामीणों में आक्रोश है। उनका कहना है कि सरकार ग्राम सभा की जमीन से कब्जा हटवाने की बात कह रही है, वही कुछ अधिकारी एवं नेता अपने स्वार्थ की खातिर सरकार की मंशा पर पानी फेरते नजर आ रहे है।
नोटिस दे दिया गया है
इस संबंध में तहसीलदार का कहना है कि मौके पर पक्के मकान मिलने पर वह तीनों अतिक्रमणधारियों को अवैध निर्माण हटाने का नोटिस दे दिया गया है। इसके बाद यदि तीनों ने अतिक्रमण नहीं हटाया तो प्रशासन सख्ती से उसे हटवा देगा।
प्रीति जैन तहसीलदार, तालबेहट