ललितपुर। परिवहन विभाग भले ही राष्ट्रीय सुरक्षा माह मना रहा हो, लेकिन शहर में अवैध वाहन स्टैंड पर अंकुश नहीं लग सका है। नियमों को धता बताकर अंतर्राज्यीय बस स्टैंड के करीब ही कई टूरिस्ट बसों के स्टैंड संचालित हो रहे हैं।, कुछ चालकों ने अंतर्राज्यीय बस स्टैंड पर बसें खड़ी करना शुरू कर दिया है। इससे बस स्टैंड से आने-जाने वाली बसों के अलावा अन्य वाहन जाम से जूझते नजर आते हैं।
परिवहन विभाग द्वारा वर्तमान में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह मनाया जा रहा है, जिससे सड़क पर आए दिन हो रही दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके। इसमें चालकों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए जागरुक किया जा रहा है। इसमें वाहन को यथा स्थान पर पार्किंग करने, सड़क पर कहीं भी वाहनों को खड़ा न करने, नशा, नींद, लापरवाही से वाहन न चलाने की नसीहत दी जा रही है।
लेकिन, अभियान का असर धरातल पर नजर नहीं आ रहा है। यहां पर नियमों की लगातार अनदेखी हो रही है। इससे चालकों को यातायात में बाधा उत्पन्न हो रही है। ऐसी ही स्थिति शहर से चलाई जा रही टूरिस्ट बसों की है। शहर में स्थित अंतर्राज्यीय बस स्टैंड से अधिकांश टूरिस्ट बसों का संचालन हो रहा है। इससे डेली सर्विस की बसों को समस्या हो रही है। कई रूट की सवारियां तो प्राइवेट डेली सर्विस वाली बसों को छोड़कर टूरिस्ट बसों में सवार हो जाती हैं। इससे जनपद में टैक्स भरने वाली बसों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।
शाम होते ही शहर के अंतर्राज्यीय बस स्टैंड पर टूरिस्ट बसों की भरमार हो जाती है। इससे रात्रि में आने वाली सवारियों को निकलना मुश्किल हो जाता है। कई बार तो महिला सवारियों को लेने आए परिजन वाहन लेकर बस स्टैंड तक नहीं पहुंच पाते हैं। ऐसे में इन सवारियों के साथ अनहोनी होने का खतरा बना हुुआ है।
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यह हैं टूरिस्ट बस संचालन के नियम
टूरिस्ट बस के रुट की जानकारी परिवहन विभाग को पहले दी जाती है। इसमें बस के जाने का समय व वापस लौटने तक का विवरण देना होता है। इसके साथ ही इनमें सवार होकर जा रही सवारियों की सूची दी जाती है। इसके बाद इनके जाने का रुट तय किया जाता है। इनमें सीमित सवारियों को ही बिठाया जाता है, लेकिन जिले में खुलेआम टूरिस्ट बस संचालन नियमों को ताक पर रखकर किया जा रहा है।
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शहर में रात्रि आठ बजे लग जाता है जाम
टूरिस्ट बस संचालकों ने अंतर्राज्यीय बस स्टैंड को ही अपना स्टैंड बना लिया है। इससे प्रतिदिन यहां से लगभग छह से अधिक टूरिस्ट बसों के बुकिंग सेंटर खुले हैं। यहीं से बसों को लगाकर सवारियों को बिठा रहे हैं। टूरिस्ट बस सामान्य बसों की अपेक्षा अधिक लंबी होती है। ऐसे में यहां से दो बसों के आमने-सामने आने से कई बार जाम जैसे हालात बन जाते हैं। इससे आम लोगों को अधिक समय खराब करना पड़ता है। इसके बाद भी हालात में सुधार नहीं हो पा रहा है और न ही बस स्टैंड से टूरिस्ट बसों के संचालन पर रोक लग रही है।
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अंतरराज्यीय बस स्टैंड पर टूरिस्ट बसें खड़ी करना गलत है। ऐसे वाहनों के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की जाएगी और टूरिस्ट बसें खड़ी नहीं होने दी जाएगी।
सुरेंद्र अग्रवाल, यात्रीकर अधिकारी
बस स्टैंड बने स्थित टूरिस्ट बस कार्यालय- फोटो : LALITPUR