संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। कृषि विज्ञान केंद्र उन्नत ग्राम योजना के तहत जनपद के दो गांव को गोद लेकर दलहन एवं अन्य फसलों का उत्पादन बढ़ाते हुए उन गांव को मॉडल विलेज बनाया जा रहा है। इसके लिए ग्राम ककरुआ और पिपरियावंशा में कृषि वैज्ञानिकों द्वारा मटर और अन्य दलहन बीजों को किसानों को उपलब्ध कराकर उनकी निगरानी भी की जा रही है। साथ ही किसानों को प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है, ताकि आगे भी किसान उन्नत खेती कर समृद्ध बन सकें।
प्रदेश सरकार द्वारा कृषि विज्ञान केंद्र उन्नत ग्राम के तहत जनपद में दो ग्रामों को फसलों का उत्पादन बढ़ाकर विलेज मॉडल के रूप में विकसित करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा जिले के ग्राम ककरूआ और पिपरियावंशा दो गांव को गोद लिया गया है।
कृषि विज्ञान केंद्र द्वारा इन गांवों को कृषि विभाग की सभी योजनाओं को किसानों को लाभ पहुंचाकर फसलों के उत्पादन खासकर दलहन उत्पादन में उन्नत बनाने की योजना है। इसके लिए इन गांवों में दलहन में उड़द की प्रजाति आईपीयू 13-1 प्रति एकड़ की दर से दस से अधिक प्रदर्शन दिया गया। केंचुआ खाद उत्पादन के लिए सोलह किसानों को प्लास्टिक पोर्टेबल बमीबेड और केंचुआ को भी उपलब्ध कराया गया। सात किसानों के यहां इस बार रबी की फसल में जौ की प्रजाति आडी 2899 का प्रदर्शन लगाया गया है। वहीं प्राकृतिक खेती के कृषि निवेश बनाने की विधि और कृषि में प्रयोग के बारे में विस्तार से जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। दोनों गांव की 100 महिला किसानों को किचिन गार्डिनिंग किट उपलब्ध कराई गई। साथ ही उन्हें बागवानी के लिए भी प्रशिक्षित किया जा रहा है।