ललितपुर। लॉकडाउन में फंसे हजारों श्रमिक अमझरा घाटी स्थित गोशाला पहुंच रहे हैं, जहां से प्रशासन इन प्रवासी मजदूरों को अमरमंडी में ले जाकर स्क्रीनिंग कर भोजन और पानी का इंतजाम कर रहा है। इसके बाद यहां से श्रमिकों को दो स्पेशल श्रमिक ट्रेनों से गोरखपुर के लिए रवाना किया गया। बुधवार को दो ट्रेनों से 2920 मजदूरों को उनके गृह जनपद पहुंचाया गया।
महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, गुजराज राज्य के विभिन्न जिलों में लॉकडाउन में फंसे हजारों मजदूर पैदल, निजी वाहन, ट्रक, रिक्शा, मोटरसाइकिल आदि अलग-अलग प्रकार से अपने गृह जनपद जाने के लिए जनपद की सीमा में प्रवेश कर रहे हैं। इनमें बहुत से मजदूरों को उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, गोंडा, बस्ती के अलावा बिहार के बहुत से जिलों में जाना हैं। अभी तक तो शासन द्वारा इनको बसों से उनके गृह जनपद भेजा जा रहा था, लेकिन पिछले दिनों शासन द्वारा ऐसे मजदूरों को पैदल या ट्रक आदि साधनों से लाने और ले जाने पर पाबंदी लगा दी गई। अब इन्हें गृह जनपद भेजने के लिए बसों या ट्रेनों की सुविधा मुहैया कराई गई है।
जनपद में लगातार बढ़ रहे मजदूरों की संख्या को देखते जिला प्रशासन द्वारा ट्रेनों की मांग की गई। इसके तहत बीते रोज ललितपुर से गोरखपुर के लिए विशेष श्रमिक ट्रेन का संचालन किया गया, जिसमें 1512 श्रमिकों को उनके गृह जिला पहुंचाया गया। इसी प्रकार बुधवार को भी रेलवे ने दो विशेष श्रमिक ट्रेन ललितपुर से गोरखपुर के लिए संचालित की हैं। इनमें से एक 04167 विशेष श्रमिक ट्रेन ललितपुर से गोरखपुर के लिए संचालित की गई, जो बुधवार की रात नौ बजे गोरखपुर को रवाना हुई। इस श्रमिक ट्रेन में 1520 श्रमिकों को रवाना किया गया। यह ट्रेन तीन घंटे पहले ही रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर लगा दी गई थी। ट्रेन में 18 स्लीपर कोच, चार जनरल व दो एसएलआर कोच थे। इस प्रकार यह 24 डिब्बों की ट्रेन रही।
वहीं, दूसरी विशेष श्रमिक ट्रेन रात्रि 11 बजे ललितपुर से गोरखपुर के लिए रवाना की गई, जिसमें 1400 यात्री श्रमिकों को उनके गृह जनपद पहुंचाया गया। इस ट्रेन में 600 श्रमिक झांसी से भी भेजने का प्रबंध किया गया है। श्रमिकों को ट्रेनों में सोशल डिस्टेंस के साथ सवार करने के लिए जिला प्रशासन ने पूरी तैयारियां कीं और सुरक्षा के लिए सिविल पुलिस, महिला पुलिस बल, आरपीएफ, जीआरपी के जवान भारी संख्या में तैनात रहे।
तिराहा से स्टेशन परिसर तक बसों की कतारें लगी रही
अपर जिलाधिकारी अनिल कुमार मिश्रा, उपजिलाधिकारी गजल भारद्वाज के साथ ही सीओ सिटी केशवनाथ, थाना प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार शुक्ला मौके पर तैनात रहे। रेलवे की ओर से स्टेशन प्रबंधक जीडी वर्मा, रेल यातायात निरीक्षक डीके चतुर्वेदी ट्रेन के संचालन में मुस्तैदी से काम करते रहे। रेलवे स्टेशन पर चेकिंग स्टाफ द्वारा लगातार श्रमिकों को सोशल डिस्टेंस के साथ ट्रेन में सवार होने के लिए अनाउंस कराया गया, ताकि अव्यवस्था न रहे। ट्रेनों में सवार होने के लिए जिला प्रशासन की मदद से रेलवे स्टेशन पर स्टेशन तिराहा से स्टेशन परिसर तक बसों की कतारें लगी रहीं और स्टेशन के मुख्य गेट से जिला प्रशासन द्वारा श्रमिकों की कतारें लगवाकर निर्धारित दूरी का पालन कराते हुए ट्रेन में सवार कराया। स्टेशन पर जिला प्रशासन एवं सामाजिक संस्थाओं की ओर से श्रमिकों को ट्रेन में सवार होने से पहले कतारबद्ध रूप से खाद्य सामग्री का वितरण किया, ताकि रात्रि के समय श्रमिकों को भूखा न सोना पड़े।
अन्य राज्यों से ललितपुर की सीमा में आए मजदूरों को उनके गृह जनपद भेजने के लिए बुधवार को दो ट्रेनें ललितपुर से गोरखपुर के लिए संचालित की गईं। इनमें एक ट्रेन रात नौ बजे व दूसरी ट्रेन रात्रि 11 बजे चलाई गई। पहली ट्रेन में 1520 श्रमिक हैं, जबकि दूसरी ट्रेन में 1400 श्रमिक गोरखपुर पहुंचाए गए हैं।
- अनिल कुमार मिश्रा, अपर जिलाधिकारी
ट्रेन से जाने वाले प्रवासी एक- एक कर चेकिंग के बाद स्टेशन पहुंचे।- फोटो : LALITPUR