ललितपुर। मुख्य चिकित्साधिकारी ने निरीक्षण के दौरान प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के दो चिकित्सकों केड्यूटी से गायब मिलने पर इनकी रिपोर्ट डीएम को सौंप दी थी। इस मामले में जिलाधिकारी ने दोनों चिकित्सकों को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के निर्देश दिए हैं।
मुख्य चिकित्साधिकारी डा. सत्येंद्र कुमार ने पिछले दिनों प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जखौरा का निरीक्षण किया था। इस दौरान डा. समीर प्रधान, डा. अमित तिवारी समेत अन्य कर्मी अनुपस्थित पाए गए थे। सीएमओ ने उपस्थित पंजिका देखी तो पता चला कि डा. अमित तिवारी मई के महीने में दो, चार, तेरह, चौदह, पंद्रह, बाइस, तेईस और पच्चीस मई के कालम में इमरजेंसी ड्यूटी ऑफ तथा सोलह मई के कालम में सीएल लिखा था। इन नौ दिनों के अलावा माह के चार रविवार का अवकाश के रूप में निकल गए।
इस तरह पच्चीस दिन में सिर्फ बारह दिन ड्यूटी की। इसी प्रकार डा. समीर प्रधान ने उपस्थित पंजिका में आठ, बारह, तेरह, चौदह, सोलह और बीस मई को इमरजेंसी ड्यूटी ऑफ तथा दो मई को सीएल भरा था, साथ ही चारों रविवार को भी वह छुट्टी पर रहे। इस तरह उन्होंने कुल चौदह दिन की ड्यूटी की। यह प्रक्रिया केवल मई माह में नहीं अपनाई गई, बल्कि पिछले कई महीनों से ऐसा चल रहा था। सीएमओ ने रिपोर्ट जिलाधिकारी को दी। जिलाधिकारी जुहेर बिन सगीर ने चिकित्सकों को प्रतिकूल प्रविष्ट देने के निर्देश दिए हैं।
एसीएमओ को नोटिस जारी
ललितपुर। सीएमओ ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र महरौनी का निरीक्षण किया, यहां पर लापरवाही मिलने पर जिलाधिकारी ने एसीएमओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए हैं। सीएमओ ने अपनी निरीक्षण रिपोर्ट में बताया कि फैमली वेलफेयर काउंसलर के रजिस्टर में नौ लोगों की काउंसलिंग दर्ज थी। लेकिन, मौके पर मौजूद एक मरीज से पूछने पर पता चला कि वह काउंसलिग से संतुष्ट नहीं हैं। परिवार कल्याण संबंधी प्रचार का बोर्ड जमीन पर रखा मिला। अलमारी रखी थी, लेकिन उसकी चाबी किसी के पास नहीं थी। स्टाफ नर्स, काउंसलर, एलटी आदि कर्मचारियों की डेली डायरी मेंटेन नहीं पाई गई।
स्वास्थ्य कर्मी की बर्खास्तगी की संस्तुति
ललितपुर। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. सत्येंद्र कुमार ने नया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र किसलवांस का निरीक्षण किया। यहां कोई भी चिकित्सक मौजूद नहीं था। लैब असिस्टेंट भी गायब मिला, जिसकी बर्खास्तगी की संस्तुति कर दी गई है।
डा. प्रदीप सिंह के बारे में बताया गया कि वह ट्रेनिंग पर हैं। डा. आरपी जाटव ओपीडी में मरीजों को देखने के बाद सीएल पर गए हुए हैं तथा 25 मई के बाद से वापस नहीं आए। फार्मासिस्ट गंगादीन की उपस्थिति लगी थी, लेकिन वह मुख्यालय पर दवा लेने गए थे। एलए आर पी सिंह एक मई से सोलह मई और इक्कीस मई से अब तक गायब मिले। चिकित्सालय के प्रत्येक कक्ष में सामान अव्यविस्थत मिला। सीएमओ ने रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंपी। जिलाधिकारी ने प्रभारी चिकित्साधिकारी (एमओआईसी) को प्रतिकूल प्रविष्टि देने के साथ ही चिकित्सकों व कर्मचारियों का वेतन रोक दिया तथा लैब असिस्टेंट आर पी सिंह को बर्खास्त करने के निर्देश दिए।