संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। ग्राम गौना में 6 सितंबर को हुई घटना में शामिल आरोपियों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई जारी है। बुधवार को पुलिस ने दो और हमलावरों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इस मामले में अब तक पुलिस चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। शेष आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए पुलिस टीमें जुटी हुई है।
थाना नाराहट के ग्राम गौना में साझेदारी में ईंट बनाने और उसे बेचने के बाद रुपयों का हिस्सा मांगने को लेकर 6 सितंबर को गांव में घटना हुई थी। जिसमें इंदल ने विपक्षियों पर मारपीट के बाद ज्वलनशील पदार्थ से आग लगाकर जान से मारने का प्रयास करने के आरोप लगाए थे।
हुकुम सिंह की तहरीर पर पुलिस ने गुड्डू राजा, नानू राजा, रवि राजा, युवराज राजा, जीवाजी राव, शिशुपाल सिंह व 2-3 अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर 9 सितंबर को गुड्डू राजा और शिशुपाल सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। पुलिस अधीक्षक मोहम्मद मुश्ताक ने मंगलवार को स्वयं एसओजी, सर्विलांस, फील्ड यूनिट टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचकर जांच पड़ताल की थी और गांव के लोगों से पूछताछ सहित अन्य बिंदुओं पर जांच की थी।
सीसीटीवी कैमरे की फुटेज, फॉरेसिंक जांच टीम के द्वारा साक्ष्य संकलन, सर्विलांस की तकनीकी जांच सहित लोगों से पूछताछ और साक्ष्यों को देखकर एसपी ने इंदल पटेल को जिंदा जलाने की कोशिस से इंकार करते हुए कहा कि आरोपियों द्वारा हुकुम सिंह से की गई मारपीट और बेइज्जती करने के कारण हुकुम सिंह ने अपने पुत्र इंदल के द्वारा शराब के नशे में की गई गाली गलौज को ठहराया था। जिसके बाद इंदल ने ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग लगा ली थी। मारपीट करने और घर में तोड़फोड़ करने की बात को एसपी ने माना। लेकिन, आरोपियों के द्वारा आग लगाने की घटना नहीं करना बताया।
यह भी बताया था कि इंदल का स्वास्थ्य ठीक है। चिकित्सकों ने उसे खतरे से बाहर बताया। यह भी बताया कि घटना में दर्ज मुकदमे में कुछ लोगों की भूमिका नहीं है। सर्विलांस और अन्य बिंदुओं की जब जांच की गई तो उनकी लोकेशन घटनास्थल से 30-40 किलोमीटर दूर मिली है।
बावजूद इसके घटना की गहनता से निष्पक्ष तरीके से जांच पड़ताल की जा रही है।
बुधवार को इस मामले में थाना नाराहट पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी जीवाजी पुत्र रामप्रताप और नानू राजा पुत्र कृष्णगोपाल निवासी ग्राम गौना को अमझराघाटी बस स्टैंड के पास से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।