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सदमे से दो और किसानों ने तोड़ा दम

Sun, 05 Jun 2016 02:06 AM IST
lalitpur
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किसान - फोटो : demo pic
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ललितपुर। प्राकृतिक आपदा से जूझ रहे किसानों की मौत का सिलसिला बुंदेलखंड में थमने का नाम नहीं ले रहा है। शनिवार को जिले के दो और किसानों ने सदमे से दम तोड़ दिया। एक मामला पाली थाना के सुरउआ गांव का है, जबकि दूसरा मामला बालाबेहट थाना के दांवर गांव का है।
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थाना पाली के ग्राम सुरउआ निवासी चउदे पाल (55) सूखा के कारण इस साल फसल नहीं होने के कारण ग्रामीणों की भैंसों को चराकर परिवार का भरण-पोषण कर रहा था। शनिवार की सुबह वह भैंसें लेकर चराने गया था। दोपहर में उसे खेत पर ग्रामीणों ने अचेत अवस्था में पड़ा देखा। आनन-फानन में उसे जिला चिकित्सालय ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि मृतक के पास दो एकड़ जमीन थी। इस बार बरसात नहीं होने के कारण फसल नहीं बोई गई थी।

वहीं, थाना बालाबेहट के ग्राम दांवर निवासी रूप सिंह यादव (35) शनिवार की सुबह अपने खेत पर गया था। वह खरीफ की फसल के लिए खेत तैयार कर रहा था। इसी दौरान उसके सीने में दर्द हुआ और वह खेत पर ही अचेत हो गया। परिजन उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने बताया कि रूप सिंह चार एकड़ जमीन पर खेती बाड़ी कर परिवार का गुजर-बसर करता था। उस पर किसान क्रेडिट कार्ड का डेढ़ लाख रुपये व साहूकार का एक लाख रुपये कर्ज था। किसान की मौत की सूचना जिला अस्पताल स्टाफ ने पुलिस को सूचना दी, लेकिन पुलिस के पहुंचने के पहले ही परिजन किसान का शव लेकर चले गए, जिससे शव का पोस्टमार्टम नहीं हो पाया।
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