खराब खरबूजा लौटाने को लेकर हुए विवाद में जातिसूचक टिप्पणी और हमले का था आरोप, अदालत ने लगाया अर्थदंड भी
संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (एससी-एसटी एक्ट) विकास कुमार द्वितीय की अदालत ने मारपीट, जान से मारने की धमकी देने और एससी-एसटी एक्ट के मामले में दोषी पाए गए दो भाइयों को दो-दो वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोनों पर 8,500-8,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार थाना बानपुर क्षेत्र के ग्राम म्यांव निवासी रामबाबू सहरिया ने 23 मई 2021 को दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया था कि वह अपने रिश्तेदार महेश के साथ ग्राम कैलगुवां में खरीदारी करने गया था। वहां उसने एक दुकान से 20 रुपये का खरबूजा खरीदा। खराब होने पर जब उसने उसे वापस करने या पैसे लौटाने की बात कही तो दुकानदार सादिक ने इंकार कर दिया।
आरोप है कि विवाद बढ़ने पर सादिक ने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए उसे अपमानित किया। इसी दौरान उसका भाई आफताब भी मौके पर पहुंच गया। दोनों ने लाठी और धारदार हथियार से हमला कर दिया, जिससे रामबाबू घायल हो गया। बाद में जान से मारने की धमकी देते हुए आरोपी मौके से चले गए।
मामले में थाना बानपुर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के बाद आरोपपत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया था। सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों, गवाहों और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर न्यायालय ने दोनों आरोपियों को दोषी करार दिया। न्यायालय ने सादिक और आफताब को गंभीर चोट पहुंचाने, धमकी देने तथा एससी-एसटी एक्ट के तहत दोषसिद्ध पाते हुए दो-दो वर्ष के कारावास और 8,500-8,500 रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा न करने पर दोनों को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।