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परिषदीय अध्यापकों ने सामूहिक बीमा का छेड़ा अभियान

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ललितपुर। परिषदीय अध्यापकों ने डीए, कैशलेश चिकित्सा व सामूहिक बीमा के लिए ट्विटर पर अभियान छेड़ दिया है। जिसके तहत अध्यापकों ने 14 जून को समय 11 बजे से 3 बजे तक हैश टैग पर सामूहिक बीमा के मामले को रखने का निर्णय लिया है। उधर, अध्यापकों का कहना है कि सरकार के विभिन्न्न विभाग भी इस तरह की सामूहिक बीमा पॉलिसी क्रय करते हैं पर नवनियुक्त शिक्षकों को बीमा कवर देने से मना कर दिया गया है। अब इस मुद्दे को ट्विटर के माध्यम से उठाया जा रहा है।
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परिषदीय शिक्षकों ने अपनी मांगों को मनमाने के लिए ट्विटर का सहारा लिया है। अब इसके माध्यम से विभिन्न मुद्दे उठाए जा रहे हैं, ताकि सरकार ध्यान आकर्षित हो सके। जिले में बेसिक शिक्षा परिषद के अधीन संचालित परिषदीय विद्यालयों में जहां लगभग पांच हजार शिक्षक कार्यरत हैं। शिक्षकों के अनुसार, एक अनुमान के मुताबिक 2014 के बाद जिले में बड़े पैमाने पर शिक्षकों की भर्ती हो चुकी है, इनमें से कई शिक्षक बीमारी एवं दुर्घटना आदि में परलोक से सिधार गए हैं, शायद ही किसी को बीमा राशि का भुगतान हुआ हो। नए शिक्षकों का फिलहाल कोई बीमा कवर नहीं किया गया है। सामूहिक बीमा व्यवस्था को 2014 के बाद वालों के लिए सुव्यवस्थित तरीके से लागू किया जाए एवं पूर्व में लागू सामूहिक बीमा की रिस्क कवर को तर्कसंगत बनाते हुए न्यूनतम 50 लाख किया जाए। इसके तहत 14 जून को समय 11 बजे से 3 बजे हैशटैग पर सामूहिक बीमा के मुद्दे को ट्रेंड किया जाएगा।
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सामूहिक बीमा के अभियान छेड़ा गया है। सरकार के विभिन्न्न विभाग भी सामूहिक बीमा पॉलिसी क्रय करते हैं पर नवनियुक्त शिक्षकों को बीमा कवर देने से मना कर दिया गया है। इस वजह से इसे ट्विटर के माध्यम से उठाया जा रहा है। -अनन्त तिवारी शिक्षक
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कर्मचारियों ने तीन किस्तों को राजकोष में दान दिया था लेकिन आज की परिस्थिति को देखते हुए राज्य सरकार की यह नैतिक जिम्मेदारी है कि वह कर्मचारियों को बढ़ा हुआ महंगाई भत्ता तत्काल प्रभाव से दे ताकि कर्मचारी घर चला सकें। -देवेंद्र रावत शिक्षक
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शिक्षकों को सामूहिक बीमा का लाभ दिया जाना चाहिए। शिक्षक हर परिस्थिति में काम करने के लिए तैयार रहता है। इसके बाद भी शिक्षकों की अनदेखी करना ठीक नहीं है। शिक्षक आज परेशान हो रहे हैं, इस ओर ध्यान देना चाहिए। -अनिल शर्मा शिक्षक
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केंद्र सरकार द्वारा सभी कर्मचारियों का महंगाई भत्ता रोका गया है। हम सभी एआईआरएफ के तत्वावधान में आंदोलन करने के लिए तैयार हैं।-सागर अग्निहोत्री, शाखा उपाध्यक्ष नार्थ सेंट्रल रेलवे मेंस यूनियन
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