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Lalitpur News: खुले में रखीं बीस हजार क्विंटल गेहूं की बोरियां बारिश में भीगीं

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ललितपुर। मौसम का मिजाज बिगड़ने पर बृहस्पतिवार देर शाम हुई बारिश से मंडी में खुले में रखी करीब 20 हजार क्विंटल गेहूं की बोरियां भीग गई। बोरियों को भीगता देख आढ़तियों ने मजदूरों की मदद से आननफानन में पॉलिथीन डालकर बारिश से बचाव किया। शुक्रवार सुबह ट्रकों के माध्यम से गेहूं बाहरी मंडियों में भेज दिया गया। आढ़तियों ने यह गेहूं किसानों से बुधवार को खरीदा था लेकिन महावीर जयंती का अवकाश होने पर माल का उठान नहीं हो सका था। अाढ़तियों का कहना है कि कुछ देर बाद बारिश बंद होने से नुकसान होने से बच गया।
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शहर स्थित गल्ला मंडी बुधवार को खुली थी, जिसमें करीब बीस हजार क्विंटल गेहूं की आवक रही। देर रात तक किसानों से आढ़तियों ने खूब माल खरीदा और दूसरे दिन बृहस्पतिवार को महावीर जयंती होने के चलते गल्ला मंडी बंद रही, जिस पर व्यापारियों ने किसानों से खरीदा गेहूं बोरों में भरवाकर खुले में रख दिया। बृहस्पतिवार को गेहूं का उठान नहीं हो सका तभी शाम को करीब पांच बजे मौसम का मिजाज बदलने लगा और कुछ देर में ही बारिश होने लगी। करीब आधा घंटे हुई बारिश के दौरान पांच मिनट तक ओले भी गिरे। इससे गल्ला मंडी में खुले में रखा लगभग बीस हजार क्विंटल गेहूं व अन्य जिंस भीग गई। यह देख वहां मौजूद आढ़तियों ने मजदूरों को लगाकर किसी प्रकार भीग रहे गेहूं व अन्य जिंस को पॉलिथीन से ढककर सुरक्षित करने का प्रयास किया। हालाकि तेज बारिश में खुले में रखा अधिकांश गेहूं भीग गया और सड़कों पर पानी बहने से पॉलिथीन से ढके गेहूं के बोरे नीचे से भी भीग गए। शुक्रवार सुबह धूप निकलते ही पॉलिथीन को हटाकर बोरियों को सुखाया और ट्रकों के माध्यम से बाहरी मंडियों में भेजना शुरू कर दिया।
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फोटो-05-नितिन अग्रवाल।
बारिश होने से मंडी में खुले में रखा गेहूं भीग गया था। हालांकि कम बारिश होने से गेहूं पर अधिक प्रभाव नहीं पड़ता है और दूसरे दिन भी सुबह से धूप निकलने से गेहूं खराब नहीं हुआ। यदि दलहन और तिलहन गीली हो जाती तो वह दागी हो सकती है। ज्यादा नुकसान नहीं हो सका। -नितिन अग्रवाल, गल्ला व्यापारी
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फोटो-06
कैप्सन-नीलेश जैन बिलौआ।
गल्ला मंडी में व्यापारियों का गेहूं व अन्य जिंस बाहर खुले में रखा जाता है। टीन शेड में अब व्यापारी माल नहीं रख पा रहे हैं। गेहूं व अन्य जिंस रखने को व्यापारियों के पास जगह नहीं है। बृहस्पतिवार को बारिश के समय लगभग 20 हजार क्विंटल गेहूं मंडी में खुले में रखा हुआ था। -नीलेश जैन बिलौआ, व्यापारी
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बारिश वाले दिन बृहस्पतिवार को मंडी बंद थी। व्यापारियों का गेहूं खुले में रखा था, जो बारिश में भीग गया था, लेकिन इससे ज्यादा नुकसान नहीं है। दूसरे दिन बिका हुआ माल उठा लिया गया। नीलामी चबूतरों पर अब किसान का माल रखकर तुलाई कराई जा रही है। -सतेंद्र कुमार, मंडी सचिव
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