ललितपुर। विद्युत विभाग के कर्मचारी बड़े ट्रांसफार्मरों में पतले फ्यूज तारों के स्थान पर मोटे फ्यूज तार बांध दे रहे हैं, जिससे सप्लाई उप बिजलीघरों के स्थान पर सीधे रौंड़ा हाइडिल से ट्रिपिंग हो रही है। इससे बिजली कटौती और बार-बार ट्रिपिंग की समस्या बढ़ती जा रही है।
जिले बजाज पॉवर प्लांट से उत्पादित होने वाली बिजली कल्यानपुरा होते हुए रौंड़ा हाइडिल पहुंचती है। इसके बाद 66 हजार केवीए के पांच और 33 हजार केवीए के नौ उप बिजलीघरों से होते हुए विद्युत आपूर्ति विभिन्न क्षमता के ट्रांसफार्मर में पहुंचती है। इसके बाद 220 वोल्ट में उपभोक्ताओं के घर बिजली पहुंचती है, जिससे घरेलू उपकरण चलते हैं। 11 हजार केवीए की लाइनों पर रखे ट्रांसफार्मरों के पास एक बाक्स लगा होता है, जिसमें फ्यूज बंधे होते हैं। नियमत: इन फ्यूज में पतले तार होने चाहिए, जिससे हाई अथवा लो वोल्टेज की स्थिति में अथवा अचानक कोई हादसा होने की स्थिति में यह तार जल जाएं और बिजली बंद हो जाए। इससे बड़ी दुर्घटना को रोका जा सकता है। लेकिन, विद्युत विभाग के कर्मचारी ट्रांसफार्मरों के पास लगाए गए बाक्स में मोटा फ्यूज तार बांध दे रहे हैं। ऐसी स्थिति में कई बार तो तार टूटने के बाद भी बिजली फ्यूज के स्थान पर रौंड़ा हाइडिल से बंद हो रही है। इससे अन्य फीडर प्रभावित हो रहे हैं।
हालांकि सामान्य तौर पर विद्युत लाइन फ्यूज अथवा उप बिजलीघर से ट्रिप (बंद) होनी चाहिए। लेकिन, मोटे फ्यूज की वजह से बिजली का पूरा फीडर रौंड़ा से बंद हो जाता है। इससे रौंड़ा में मौजूद आयल सर्किट ब्रेकर (ओसीबी) मशीन और वैक्यूम सर्किट ब्रेकर (वीसीबी) मशीनें खराब हो रही हैं। साथ ही इसका खामियाजा आम उपभोक्ताओं को उठाना पड़ रहा है।