ललितपुर। जिले में दबंगई हावी है, जिसके आगे विद्युत विभाग असहाय साबित हो
रहा है। हालातों का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि झांसी से आई
ट्रांसफार्मर से लदी गाड़ियों को दबंगों ने बांसी के पास हाइवे के किनारे
रोक लिया और जबरन ट्रांसफार्मर उतार लिए। नलकूप संयोजन के लिए किसानों को
वितरित किए जाने वाले ट्रांसफार्मर उतारे जाने की सूचना से विद्युत स्टोर
के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। विद्युत स्टोर के अधिकारियों ने मामले की
जांच सहायक अभियंता विद्युत स्टोर को सौंप दी है। इस मामले में सहायक
अभियंता ने मंगलवार को विद्युत स्टोर का दौरा किया व जरूरी पूछताछ की।
वहीं, दूसरे दिन भी पुलिस सुरक्षा के बीच किसानों को बिजली का सामान वितरित
कराया गया। विद्युत स्टोर के अफसरों को जानकारी मिली कि झांसी स्टोर से
ललितपुर के लिए दो दर्जन ट्रांसफार्मर लेकर दो गाड़ियां रवाना हुईं, लेकिन
गाड़ियां स्टोर में नहीं पहुंची। बाद में जानकारी मिली कि उक्त गाड़ियों से
ट्रांसफार्मर दबंगों ने रास्ते में ही उतरवा लिए हैं। आननफानन में मामले
की जांच शुरू करा दी गई है। हालांकि, अधिशासी अभियंता ने एक गाड़ी
ट्रांसफार्मर उतारे जाने की बात स्वीकारी है।
अधिशासी अभियंता विद्युत
स्टोर झांसी राजीव अग्रवाल ने मामले की जांच सहायक अभियंता विद्युत स्टोर
झांसी योगेश त्रिपाठी को सौंप दी है। मंगलवार को जिले में आए सहायक अभियंता
द्वारा जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि जांच रिपोर्ट जल्द ही
उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी।
उधर, सोमवार को ट्रांसफार्मर व तार
नहीं मिलने से नाराज किसानों का गुस्सा दूसरे दिन भी शांत दिखाई नहीं दिया।
सोमवार की देर रात तक पुलिस सुरक्षा में 14 ट्रांसफार्मर और 40 किलोमीटर
विद्युत तार बांटा गया। वहीं, मंगलवार को ट्रांसफार्मर समाप्त हो गए, लेकिन
बाकी बचा हुआ लगभग 60 किलोमीटर तार किसानों को बांट दिया गया।
विदित हो
कि बुंदेलखंड पैकेज और सामान्य योजना के तहत नलकूप संयोजनों के लिए
विद्युत ट्रांसफार्मर, तार, इंसुलेटर, क्रॉस आरम आदि सामान किसानों को
गल्ला मंडी के पास स्थित विद्युत स्टोर से वितरित किया जा रहा है। किसानों
को नलकूप योजना का लाभ तो मिला, लेकिन पर्याप्त सामान की उपलब्धता नहीं
होने के कारण किसानों में रोष है। तीन बार की फसल बरबाद होने के बाद किसान
किसी तरह से रबी फसल की बुवाई कर रहा है। किसान का मानना है कि नलकूप से
सिंचाई कर वह नुकसान की भरपाई कर लेंगे। लेकिन, विद्युत स्टोर से किसानों
को सामान उपलब्ध नहीं होने के कारण सिंचाई में व्यवधान उत्पन्न हो रहा है।
बिना पैसे के नहीं मिलता सामान
ललितपुर।
नाराज किसानों ने विद्युत कर्मियों पर जमकर आरोप लगाए। ग्राम बेटना निवासी
किसान प्राण सिंह, विक्रम सिंह और बरौदिया निवासी किसान सुल्तान ने आरोप
लगाते हुए बताया कि नलकूप संयोजन वाला ट्रांसफार्मर लेने के लिए पांच से 20
हजार रुपये तक लिए जा रहे हैं। यदि कोई सिफारिश है तो पांच हजार रुपये में
काम चल जाता है। ऐसा नहीं है कि उपभोक्ताओं को जितने रुपये में
ट्रांसफर्मर देने का सौदा तय किया जाता है, उतनी राशि में ट्रांसफार्मर मिल
जाए, बल्कि किसानों के बिना सुविधा शुल्क के गेट पास तक नहीं बनाए जा रहे
हैं। हालांकि, सहायक अभियंता योगेश त्रिपाठी किसानों से पैसा लिए जाने की
बात नकार रहे हैं, लेकिन वह दबाव में ट्रांसफार्मर दिए जाने की बात स्वीकार
कर रहे हैं।
सीसीटीवी से खुलेगी ट्रांसफार्मर की सच्चाई
ललितपुर।
विद्युत स्टोर के पूरे परिसर में मुख्य गेट से लेकर सामान उठाने और चढ़ाने
वाले स्थानों समेत कार्यालय में अंदर, बाहर और गोदाम में सीसीटीवी कैमरे
लगाए गए हैं। ताकि, किसी भी प्रकार के सामान आने अथवा वितरण आदि की निगरानी
होती रहे। इन कैमरों का संचालन सीधे झांसी विद्युत स्टोर से संबंधित है।
यदि गत दिनों 24 ट्रांसफार्मर लेकर दो गाड़ियां विद्युत स्टोर पहुंची होंगी
तो उनकी एंट्री भी सीसीटीवी कैमरों में होगी। लेकिन, यदि ऐसा नहीं है तो
इससे साफ है कि ट्रांसफार्मर वितरण में मनमर्जी की जा रही है।
ट्रांसफार्मर
विद्युत स्टोर से पहले उतारकर बांटने के मामले में जांच मिली है। इसकी
जांच रिपोर्ट तैयार कर उच्चाधिकारियों को सौंपी जाएगी। फिलहाल, उनकी पहली
प्राथमिकता किसानों को नलकूप संयोजन का सामान पूर्ण रुप से उपलब्ध कराना
है।
- योगेश त्रिपाठी,
सहायक अभियंता विद्युत स्टोर झांसी।