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श्रीधाम 10 तो राप्तीसागर 16 घंटे लेट, उज्जयनी रद

Thu, 19 Jan 2017 01:03 AM IST
lalitpur
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ट्रेन - फोटो : amar ujala
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पहाड़ी इलाकों में दो दिन से हो रही भारी बर्फबारी से जहां ठंड ने एक बार फिर करवट ली है, तो वहीं डाउन रूट ट्रेनों की लेटलतीफी में कुछ सुधार तो हुआ, लेकिन अप रूट की कई ट्रेनें अब भी घंटों लेट होकर दूसरे दिन स्टेशन पहुंच रही हैं। बुधवार को आने वाली श्रीधाम एक्सप्रेस सवा 10 घंटे तक ललितपुर पहुंची, तो वहीं मंगलवार को आने वाली श्रीधाम एक्सप्रेस 17 घंटे लेट होकर दूसरे दिन आई। वहीं उज्जयनी एक्सप्रेस लगातार दूसरे दिन भी रद रही।          
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उत्तरी भारत में पहाड़ी क्षेत्रों में होने वाली बर्फबारी का असर बुधवार की शाम को एक बार फिर से अहसास किया गया। दिन भर खिली धूप में ठंड का अहसास तो कम हुआ, लेकिन शाम होते हुए हाड़ कंपाने वाली ठंड का अहसास फिर से महसूस किया गया। जिस पर नगर में जगह-जगह पुराने गत्ते, लकड़ियां खोजकर अलाव जलाने का इंतजाम किया गया। इसका असर बुधवार को आने वाली ट्रेनों पर भी देखने को मिला। भोपाल की ओर जाने वाली ट्रेनों में जहां मंगलवार को आने वाली श्रीधाम एक्सप्रेस 17.17 घंटे लेट होकर दूसरे दिन बुधवार की दोपहर सवा तीन बजे आई, वहीं बुधवार को आने वाली अप रुट की ट्रेनों में मालवा एक्सप्रेस 2.33 घंटा, कुर्ला एक्सप्रेस 2.30 घंटा, दक्षिण एक्सप्रेस 2.31 घंटा, पठानकोट एक्सप्रेस डेढ़ घंटा, साबरमती एक्सप्रेस 4.06 घंटा, कुशीनगर एक्सप्रेस 5.05 घंटा, शताब्दी एक्सप्रेस 2.37 घंटा, पंजाबमेल एक्सप्रेस 8.04 घंटा, छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस 3.28 घंटा, राप्तीसागर एक्सप्रेस 16.34 घंटा, झेलम एक्सप्रेस 4 घंटा, उत्कल एक्सप्रेस दो घंटा, सचखंड एक्सप्रेस 7.37 घंटा, गोंडवाना एक्सप्रेस 2.23 घंटा लेट रहीं, जबकि भोपाल की ओर जाने वाली उज्जयनी एक्सप्रेस बुधवार को दूसरे दिन भी रद रही। इसी प्रकार डाउन रुट की ट्रेनों में बुधवार को श्रीधाम एक्सप्रेस 11.57 घंटा, राप्तीसागर एक्सप्रेस 17.24 घंटा और शताब्दी एक्सप्रेस 2.30 घंटा लेट रही। वहीं रात को आने वाली कई ट्रेनों के और अधिक लेट होने की संभावना जताई गई। ट्रेनों के अधिक लेट होने से यात्रियों को जहां प्लेटफार्म पर घंटों ट्रेनों के आने का इंतजार कर परेशान होना पड़ा, वहीं बहुत से यात्रियों ने टिकट विंडों पहुंचकर अपनी टिकट कैंसिल करवाकर यात्रा ही रद कर दी।       
 
तुषार पड़ने से फसलों का नुकसान      
क्योलारी (ब्यूरो) विगत कुछ दिनों से बढ़ी ठंड से घबराए किसानों पर आखिर दुख के पहाड़ टूट ही पड़े। ठंड और सर्द हवाओं से जहां मसूर, मटर  आदि की फलती-फूलती फसलें तुषार के कारण तबाह हो गई। वहीं, सब्जियों पर भी इसका असर देखने को मिला रहा है। ग्राम गुढा, क्योलारी, भदौरा, बगरूआ, लार आदि ग्रामों में तुषार के कारण सूखने लगी है, जिससे किसानों को भारी क्षति हुई है। तुषार की इस मार से किसान पूरी तरह से बर्बादी कगार पर आ गया है। क्योंकि दलहन की फसलें ही आर्थिक फसल के रूप मे उसकी गृहस्थी संचालन का सहारा होती है। जबकि इस वर्ष विगत वर्षों की अपेक्षा किसानों को अधिक पैदावार मिलने की संभावना थी, लेकिन ठंड होने के कारण फसलों का रुख ही बदल गया है। लगातार प्राकृतिक आपदाओं का सामना कर रहे किसानों को काफी नुकसान भुगतना पड़ रहा है।
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