ललितपुर। शहर के मुख्य चौराहों पर यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए तत्कालीन पुलिस अधीक्षक प्रभाकर चौधरी के निर्देशन पर प्रमुख चौराहों व बस स्टैंड पर लोहे के खोखे रखकर अस्थाई ट्रैफिक बूथ की स्थापना कराई गई थी। इन बूथों पर पुलिस कर्मी भी नियुक्त किए गए थे, लेकिन कई महीनों से अन्य ट्रैफिक बूथों के ताले तक नहीं खोले गए हैं, जिससे ताले जंग खा गए हैैं। वहीं, वर्तमान में चल रहे यातायात माह के दौरान भी बंद पड़े इन बूथों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
शहर के मुख्य चौराहों पर यातायात पुलिस कर्मी तैनात नहीं होने पर हमेशा से ही जाम की समस्या बनी रहती है। विगत एक वर्ष पूर्व इस जाम की स्थिति से निजात दिलाने के लिए तत्कालीन पुलिस अधीक्षक के निर्देशन पर शहर के प्रमुख चौराहों वीर सावरकर चौक, पुरानी तहसील चौराहा, सदर कांटा चौराहा और शहर के एंट्री प्वांइट रेलवे स्टेशन चौराहा, मवेशी बाजार स्थित कैलगुंवा तिराहा, झांसी मार्ग पर स्थित इलाईट चौराहा और राजघाट मार्ग पर बने पिसनारी बाग चौराहा समेत स्थानीय बस स्टैंड पर भी लोहे के बड़े-बड़े खोखे रखकर अस्थाई ट्रैफिक बूथों की स्थापना कराई गई थी। इसके लिए सर्वप्रथम पुलिस अधीक्षक ने नगर पालिका से स्थायी ट्रैफिक बूथों का निर्माण कराने के लिए चौराहों पर स्थित नजूल की भूमि की मांग की थी, लेकिन जमीन उपलब्ध नहीं होने पर लोहे के खोखों में अस्थाई ट्रैफिक बूथ की स्थापना कराने का निर्णय लिया गया था। उक्त स्थलों पर ट्रैफिक बूथ स्थापित किए जाने के बाद इन बूथों पर यातायात पुलिस कर्मियों की कमी के चलते कोतवाली पुलिस के जवानों को तैनात किया गया था। तत्कालीन पुलिस अधीक्षक के कार्यकाल में तो यह बूथ नियमित रूप से संचालित होते रहे, लेकिन उनका तबादला होते ही धीरे-धीरे स्थिति बेकाबू होती चली गई। बूथ के अंदर तो दूर की बात उस चौराहा व एंट्री प्वांट स्थल पर तक तैनात किए गए पुलिस कर्मी नजर नहीं आते हैं। इससे आए दिन बनने वाली जाम की स्थिति से जनता को काफी समस्या का सामना करना पड़ता है।
यातायात माह में भी नहीं पड़ा असर
नवंबर माह को यातायात माह के रूप में बनाया जाता है और इस पूरे माह यातायात पुलिस विभाग द्वारा लोगों को जागरूक किया जाता है, वहीं शहर की यातायात व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए इस पूरे यातायात माह के दौरान ट्रैफिक पुलिस द्वारा तमाम प्रयास किए जाते हैं। ट्रैफिक पुलिस विभाग के साथ-साथ सदर क्षेत्राधिकारी और पुलिस अधीक्षक तक स्वयं विभिन्न कार्यक्रमों में पहुंचकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं। लेकिन ट्रैफिक पुलिस व पुलिस अधिकारियों द्वारा शोपीस मात्र बनकर रह गए इन ट्रैफिक बूथों की ओर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। बस स्टैंड पर स्थापित बूथ पर कोई पुलिस कर्मी तैनात नहीं होने के कारण बस संचालक व टैक्सी चालक मनमर्जी करते हैं। इलाईट चौराहा पर बस चालक व बड़े वाहन चालक मुख्य मार्ग को छोड़कर मुहल्ला रामनगर में बीच बस्ती से बड़े वाहन धड़ल्ले से ले जाते हैं। इससे पूरे दिन जाम की स्थिति बनी रहती है। वहीं कैलगुवां तिराहे पर भी स्थापित बूथ पर पुलिस कर्मी तैनात नहीं होने के कारण हमेशा ही जाम की स्थिति बनी रहती है। गौरतलब है कि विगत दो माह पूर्व इस बूथ पर कर्मी के अभाव के चलते ही एक बेकाबू ट्रक शहर की नो एंट्री जोन में घुस गया था, जिससे दो लोगों व एक बालक की दर्दनाक मौत हो गई थी।