संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। नगर पालिका और जल संस्थान के स्वकर व जलकर के नोटिस को लेकर व्यापार मंडल ने विरोध जताया है। व्यापारियों ने नगर पालिका पहुंच कर सदर विधायक, अपर जिलाधिकारी व ईओ और पालिका अध्यक्ष प्रतिनिधि के समक्ष मुद्दा रखा। न्यायालय के निर्णय के आधार पर कैंप लगाकर वसूली करने की मांग की।
व्यापार मंडल के पदाधिकारियों ने बताया कि नगर पालिका ने अप्रैल 2013 में शासन द्वारा निर्धारित किए गए मानकों व निर्देशों को दरकिनार कर आपत्तियों का निस्तारण किए बिना गलत नोटिफिकेशन जारी कर दिया था। व्यापारियों ने विरोध किया था, लेकिन निराकरण न होने पर वर्ष 2021 में उच्च न्यायालय में जिला उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल व दो अन्य रिट व्यापारियों ने दायर की थी। उच्च न्यायालय ने निस्तारण तक वसूली पर रोक लगा दी थी। 17 फरवरी 2025 को पुनः सुनवाई कर पूर्व के निर्णय को यथावत रखा है।
उन्होंने बताया कि नगर पालिका के वर्तमान बोर्ड ने अनावासीय के संबंध में प्रस्ताव पारित कर पांच गुना के स्थान पर 1, 2, 3 गुना की श्रेणी वार अनुसूची तैयार कर फरवरी 2025 में गजट कराने के लिए प्रेषित किया, जो अभी तक गजट होकर नहीं आया है। स्वकर प्रक्रिया के समाधान के लिए व्यापार मंडल के प्रतिनिधियों ने ईओ के साथ बैठक कर समन्वय का रास्ता निकालने का प्रयास किया। नगर पालिका द्वारा निर्धारित किए गए स्वकर के आधार पर ही उसके सवाये के रूप में जलकर का निर्धारण होता है।
वर्तमान में वसूली के लिए नगर पालिका व जल संस्थान द्वारा हजारों व लाखों के नोटिस पांच गुने के आधार पर दिए गए हैं। अनावासीय क्षेत्र के लोगों के घरों पर नोटिस चस्पा कर राजस्व की भांति वसूली करने की धमकी दी जा रही है।
इस दौरान प्रदेश चेयरमैन महेंद्र जैन मयूर, जिलाध्यक्ष प्रदीप त्रिपाठी, नगर अध्यक्ष महेश जैन, अशोक जैन, अजय जैन, पवन दुआ, पवन जैन, मोहित सोनी, मनीष खैरा, वीरेंद्र कुमार, अरविंद, आलोक मयूर, मज्जू सोनी आदि मौजूद रहे।