ललितपुर। भारत सरकार एक फरवरी को सदन में अपना बजट प्रस्तुत करने जा रही है। इसके मद्देनजर मध्यम व्यवसाईयों ने बजट पर अपनी नजरें गढ़ा ली हैं। तमाम व्यवसाईयों ने बजट से राहत मिलने की उम्मीद जताई है, तो कुछ व्यापारियों का कहना है कि जीएसटी से इस बार राहत मिलेगी तो कुछ रिटेल व्यापार में आनलाइन से हो रहे नुकसान पर प्रतिबंध लगने की उम्मीद लगाए बैंठे हैं।
सरकार की ओर से साल 2020 के पेश किए जाने वाले बजट को लेकर हर वर्ग अपने लिए कुछ विशेष रियायत व सुविधाएं चाहता है। बजट को लेकर व्यापारियों में उत्सुकता है कि हमें क्या मिलेगा। सरकार के आगामी बजट से व्यापारियों को बहुत उम्मीदें हैं, उनकी क्या जरूरतें हैं और कौनसे टैक्स में छूट मिलनी चाहिए आदि मुद्दों पर उनकी राय जानी गई। व्यापारियों का सबसे बड़ा मुद्दा ऑनलाइन व्यापार है। इससे रिटेल व्यापार को नुकसान हो रहा है। क्योंकि ऑनलाइन कंपनियों का डायरेक्ट बड़ी-बड़ी कंपनियों से व्यापार हो जाता है इसलिए उन्हें 10 से 15 परसेंट अधिक छूट मिल जाती है। जिससे ऑनलाइन कम्पनियां डायरेक्ट ग्राहकों को सामान में ज्यादा छूट देकर मुनाफा कमाते हैं। इससे लोकल व्यापारियों का धंधा बिल्कुल मंदा होता जा रहा है। व्यापारियों को जीएसटी की भी समस्या है। लेकिन अब व्यापारियों को इस साल के आने वाले बजट से बहुत आशाएं हैं। गत बजट में व्यापारियों की झोली खाली रही थी, इस बार बजट से राहत को लेकर काफी उम्मीदें है। मंदी झेल रहे व्यापारियों का कहना है कि सरकार उनकी मांगों को प्राथमिकता में शामिल करते हुए राहत दें। जिससे व्यापारी मंदी की स्थिति से उबर सकें। पिछले बजट को लेकर भी कोई बड़ी घोषणा व्यापारी वर्ग के लिए नहीं की गई। इसलिए इस बार उम्मीदें ज्यादा है।
इस बार सरकार को आर्थिक आय कम हुई है इसके चलते इस बजट में खुश कुछ खास नहीं होगा जो पुराना बजट था उसी प्रकार इस बार भी बजट आने की संभावना है।
- कपिल डोडवानी
इस बार बजट से काफी उम्मीदें हैं। कि व्यापारियों के लिए कुछ अच्छा इस बजट में आए क्योंकि इस बार बजट में पहले तीन परसेंट जीएसटी से पांच पर्सेंट जीएसटी बढ़ा दी गई है जिससे सोना और महंगा होता जा रहा है। इतनी महंगाई में सोना खरीदना आम लोगों के बस में नहीं है इससे आम लोगों के हाथ से सोना निकलता जा रहा है
- संदीप सरार्फ
-
आने वाले बजट में ऑनलाइन व्यापार को बंद कर कुछ नई स्कीम लोकल व्यवसायियों के लिए आएं, जिससे हम लोगों का धंधा फिर से पटरी पर आ सके। क्योंकि ऑनलाइन व्यापार ने हम लोगों का धंधा पूरी तरह चौपट कर दिया है।
- अनूप अग्रवाल, इलेक्ट्रोनिक दुकानदार
अगर व्यापारी सालों से अच्छा व्यापार कर रहा है, टैक्स भर रहा है और किसी बड़े नुकसान की वजह से अचानक वह टैक्स नहीं भर पाता है तो इस दिशा में भी कोई कदम उठाना चाहिए। अगर टैक्स का एक फीसद हिस्सा वह जमा रखे और बुरे वक्त में उसका इस्तेमाल कर सके तो बेहतर होगा इससे उसके परिवार जमीन पर खतरा नहीं आयेगा और व्यापार दोबारा खड़ा करने में मदद भी मिलेगी। इस बजट से काफी उम्मीदें हैं।
- अनुराग जैन
गत बजट में व्यापारियों की झोली खाली रही थी, इस बार बजट से राहत को लेकर काफी उम्मीदें है। व्यापारियों को प्राथमिकता में शाऊिमल करते हुए राहत दें। जिससे व्यापारी मंदी की स्थिति से उबर सकें। पिछले बजट को लेकर भी कोई बड़ी घोषणा व्यापारी वर्ग के लिए नहीं की गई। इसलिए इस बार उम्मीदें ज्यादा है।
- शोभित समैया