संवाद न्यूज एजेंसी
ललितपुर। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि अमेरिका के साथ फसलों को लेकर हो रहा समझौता छोटे किसानों के लिए घातक साबित होगा। उन्होंने शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती पर दर्ज एफआईआर को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।
बुधवार को जिले में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे राकेश टिकैत ने रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक होटल में पत्रकारों से बातचीत की। उन्होंने कहा कि अमेरिका से कृषि उत्पादों की डील होने पर छोटे किसान और छोटे दुकानदार दोनों प्रभावित होंगे। दूध, फल, सब्जियां और अनाज यदि बाहर से आएंगे तो स्थानीय किसानों के सामने संकट खड़ा हो जाएगा।
उन्होंने कहा कि गांवों में जाकर किसानों को इस समझौते के प्रभाव के बारे में जागरूक किया जाएगा। सड़क किनारे सब्जियां बेचने वाले छोटे विक्रेताओं का भविष्य भी ऐसे समझौतों से प्रभावित होगा। बड़े मॉल खुलने पर स्थानीय कारोबार सिमट सकता है। उन्होंने आशंका जताई कि इस समझौते का असर मार्च तक सामने आ सकता है।
शंकराचार्य पर दर्ज मुकदमे को लेकर उन्होंने कहा कि जो भी सरकार के खिलाफ बोलता है, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाती है। यह राजनीतिक कदम है। उन्होंने कांग्रेस के प्रदर्शन पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि केवल औपचारिक विरोध से हालात नहीं बदलेंगे।
यदि विपक्ष प्रभावी ढंग से संघर्ष करता तो स्थिति अलग होती। हालांकि, भारत मंडपम में एआई के खिलाफ कांग्रेस के प्रदर्शन को उन्होंने अनुचित बताया। कहा कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर इस प्रकार का प्रदर्शन गलत संदेश देता है।
बुंदेलखंड में किसानों की आत्महत्या के सवाल पर टिकैत ने कहा कि फसलों के उचित दाम न मिलने से किसान परेशान हैं। उन्होंने बुंदेलखंड को ऑर्गेनिक स्टेट घोषित करने की मांग की। कहा कि यहां उच्च गुणवत्ता का अनाज और अन्य उत्पाद पैदा होते हैं, बस उचित मूल्य मिलना चाहिए।
खनन के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि ललितपुर से निकलने वाली गिट्टी, मोरंग और ग्रेनाइट से स्थानीय लोगों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल रहा है। उन्होंने मांग की कि खनन से मिलने वाली 20-25 फीसदी रॉयल्टी जिले और संबंधित गांवों के विकास पर खर्च की जाए। जिस गांव में खनन, पेट्रोल पंप, शराब के ठेके या जमीनों के बैनामे हो रहे हैं, वहां के विकास पर प्राथमिकता से धन लगाया जाना चाहिए। बाद में उन्होंने कचनौंदा बांध क्षेत्र के किसानों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं भी सुनीं।