दतिया रोड पर अंबावाय के नजदीक शुक्रवार की सुबह एक बाइक ट्रक की चपेट में आ गई। बाइक पर सवार चारों लोगाें की मौत हो गई। मरने वालों में पति-पत्नी, बेटा और पत्नी का पिता शामिल हैं। चारों झांसी से दतिया के देवई गांव जा रहे थे। हादसे के वक्त कोई भी हेलमेट नहीं लगाए था।
कोतवाली क्षेत्र के नकटा चौपड़ा में किराए के मकान में रहने वाले लालता प्रजापति (35) पानी के बतासे बेचने का काम करते थे। उनके साथ पत्नी रीना (32), बेटा नैतिक (04) और तीन महीने से साथ रह रहे ससुर रामगोपाल मौजूद थे। बेटी दीक्षा (08) अपने मामा के घर दतिया के आलमपुर थाना क्षेत्र के देवई गांव में रह रही है। कुछ दिन से देवई गांव में रहने वाले रामगोपाल के पिता बीमार चल रहे थे। शुक्रवार की सुबह दस बजे चारों बाइक पर सवार होकर देवई जा रहे थे। लालता ने नैतिक को अपने आगे पेट्रोल टंकी पर, पीछे ससुर रामगोपाल और पत्नी रीना को बैठा रखा था। वह जब अंबावाय के नजदीक से गुजर रहे थे, तभी सामने से आ रहे ट्रक ने उनको चपेट में ले लिया। इससे चारों गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े और बाइक क्षतिग्रस्त हो गई।
चालक ट्रक को मौके पर छोड़कर भाग गया। राहगीरों की सूचना पर पहुंची पुलिस ने चारों को मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन सभी को मृत घोषित कर दिया। इधर, हादसे की खबर मिलते ही परिजन मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। देर शाम परिजन शवों को लेकर मध्य प्रदेश के दतिया जिले के पंडोखर थाना क्षेत्र के भदरौआ गांव रवाना हो गए।
चारों भाई करते हैं बतासे बेचने का काम
मध्यप्रदेश के दतिया जिले पंडोखर थाना क्षेत्र के भदरौआ निवासी परमानंद प्रजापति के प्रेम, लालता, रामकुमार, व राजकुमार चार पुत्र हैं। यह चारों पिछले चार साल से कोतवाली क्षेत्र के नकटा चौपड़ा स्थित घनश्याम प्रजापति के बाड़े में किराए के मकान में रह रहे हैं। चारों शहर में अलग- अलग जगह ठेला लगाकर बतासे बेचने का काम करते हैं। लालता को नहीं मालूम था कि बाइक पर तीन और लोगों को साथ बैठाकर ले जाना उनके लिए काल बन जाएगा।